भारत को ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी मिली है. अंडमान सागर के गहरे पानी में प्राकृतिक गैस का भंडार मिला है, जो देश की ईंधन आयात निर्भरता कम करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. तेल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने इस क्रांतिकारी खोज की घोषणा की. खोज 'श्री विजयपुरम-3' नामक एक्सप्लोरेशन वेल में हुई है, जो अंडमान द्वीपों के पूर्व तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर 355 मीटर गहरे पानी में स्थित है.
हरदीप पुरी ने ट्वीट कर दी जानकारी
इस वेल को 1,900 मीटर से अधिक गहराई तक ईओसीन फॉर्मेशन में ड्रिल किया गया, जहां प्रारंभिक उत्पादन परीक्षण के दौरान निरंतर फ्लेयरिंग (गैस जलाना) ने प्राकृतिक गैस की उपस्थिति का संकेत दिया. मंत्री हरदीप पुरी ने X (ट्विटर) पर लिखा, 'अंडमान सागर में ऊर्जा के अवसरों का एक सागर! Oil India Ltd द्वारा ड्रिल की गई श्री विजयपुरम-3 एक्सप्लोरेशन वेल में प्राकृतिक गैस की उपस्थिति की खुशी से सूचना दे रहा हूं'.
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गैस सैंपलिंग का प्रोसेस जारी
ओइल इंडिया लिमिटेड वर्तमान में गैस के संगठन और कैलोरीमैट्रिक मूल्य का आकलन करने के लिए गैस सैंपलिंग कर रहा है, साथ ही गैस की उत्पत्ति को समझने के लिए आइसोटोप अध्ययन भी किया जा रहा है. यह विकास सरकार की 'समुद्र मंथन मिशन' (राष्ट्रीय गहरे पानी अन्वेषण मिशन) के तहत आता है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस पर की थी. इस मिशन के तहत भारत के ऑफशोर बेसिन में गहरे पानी और अल्ट्रा-डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है.
समुद्र मंथन मिशन में मिला खजाना
कंपनी के अनुसार, वर्तमान अभियान में अंडमान बेसिन में ड्रिल की गई तीन एक्सप्लोरेशन वेलों में से दो में हाइड्रोकार्बन की उपस्थिति की रिपोर्ट की गई है.मंत्री ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित समुद्र मंथन मिशन के तहत हमारे ऑफशोर बेसिन में हाइड्रोकार्बन भंडार को पूरी तरह से दोहन करने के लिए बड़ी संख्या में गहरे पानी और अल्ट्रा-डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन वेल की योजना है.' सरकार वैश्विक गहरे पानी एक्सप्लोरेशन विशेषज्ञों के समन्वय में अपनी एक्सप्लोरेशन महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है.
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क्या कम होगी ईंधन की टेंशन?
यह खोज भारत के लिए रणनीतिक महत्व की है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर है. प्राकृतिक गैस की इस खोज से भविष्य में ईंधन की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सकती है. हालांकि, व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने में अभी कुछ समय लगेगा, लेकिन यह खोज निश्चित रूप से भारत की ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
भारत को ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी मिली है. अंडमान सागर के गहरे पानी में प्राकृतिक गैस का भंडार मिला है, जो देश की ईंधन आयात निर्भरता कम करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. तेल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने इस क्रांतिकारी खोज की घोषणा की. खोज ‘श्री विजयपुरम-3’ नामक एक्सप्लोरेशन वेल में हुई है, जो अंडमान द्वीपों के पूर्व तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर 355 मीटर गहरे पानी में स्थित है.
हरदीप पुरी ने ट्वीट कर दी जानकारी
इस वेल को 1,900 मीटर से अधिक गहराई तक ईओसीन फॉर्मेशन में ड्रिल किया गया, जहां प्रारंभिक उत्पादन परीक्षण के दौरान निरंतर फ्लेयरिंग (गैस जलाना) ने प्राकृतिक गैस की उपस्थिति का संकेत दिया. मंत्री हरदीप पुरी ने X (ट्विटर) पर लिखा, ‘अंडमान सागर में ऊर्जा के अवसरों का एक सागर! Oil India Ltd द्वारा ड्रिल की गई श्री विजयपुरम-3 एक्सप्लोरेशन वेल में प्राकृतिक गैस की उपस्थिति की खुशी से सूचना दे रहा हूं’.
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गैस सैंपलिंग का प्रोसेस जारी
ओइल इंडिया लिमिटेड वर्तमान में गैस के संगठन और कैलोरीमैट्रिक मूल्य का आकलन करने के लिए गैस सैंपलिंग कर रहा है, साथ ही गैस की उत्पत्ति को समझने के लिए आइसोटोप अध्ययन भी किया जा रहा है. यह विकास सरकार की ‘समुद्र मंथन मिशन’ (राष्ट्रीय गहरे पानी अन्वेषण मिशन) के तहत आता है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस पर की थी. इस मिशन के तहत भारत के ऑफशोर बेसिन में गहरे पानी और अल्ट्रा-डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है.
समुद्र मंथन मिशन में मिला खजाना
कंपनी के अनुसार, वर्तमान अभियान में अंडमान बेसिन में ड्रिल की गई तीन एक्सप्लोरेशन वेलों में से दो में हाइड्रोकार्बन की उपस्थिति की रिपोर्ट की गई है.मंत्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित समुद्र मंथन मिशन के तहत हमारे ऑफशोर बेसिन में हाइड्रोकार्बन भंडार को पूरी तरह से दोहन करने के लिए बड़ी संख्या में गहरे पानी और अल्ट्रा-डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन वेल की योजना है.’ सरकार वैश्विक गहरे पानी एक्सप्लोरेशन विशेषज्ञों के समन्वय में अपनी एक्सप्लोरेशन महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है.
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क्या कम होगी ईंधन की टेंशन?
यह खोज भारत के लिए रणनीतिक महत्व की है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर है. प्राकृतिक गैस की इस खोज से भविष्य में ईंधन की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सकती है. हालांकि, व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने में अभी कुछ समय लगेगा, लेकिन यह खोज निश्चित रूप से भारत की ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.