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गणतंत्र दिवस पर इतिहास रचेंगे NCC कैडेट्स, कर्तव्य पथ पर पहली बार हाथों में दिखेगी तलवार

इस बार गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर एनसीसी कैडेट्स पहली बार हाथ में तलवार लेकर मार्च करेंगे. साथ ही युवाओं को आपदा मित्र और साइबर योद्धा के रूप में भी तैयार किया जा रहा है.

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इस साल गणतंत्र दिवस 2026 परेड में कर्तव्य पथ पर पहली बार हाथ में तलवार लेकर एनसीसी कैडेट्स मार्च करते नजर आएंगे. लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने न्यूज 24 को जानकारी देते हुए बताया कि एनसीसी अब देश के लगभग एक लाख युवाओं को आपदा मित्र के रूप में तैयार कर रही है. इसके साथ ही कैडेट्स को साइबर सुरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग देकर उन्हें साइबर योद्धा के रूप में विकसित किया जाएगा. 28 जनवरी को करियप्पा परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री रैली में भी कैडेट्स अपनी ताकत दिखाएंगे. आपको बता दे कि, इस बार कैंप में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 2,406 कैडेट भाग ले रहे हैं, जिनमें 898 महिला कैडेट शामिल हैं.

नदियों के नाम पर रखी गई बैठने की जगह

गणतंत्र दिवस 2026 को लेकर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं. इस बार कर्तव्य पथ पर होने वाले समारोह में वीवीआइपी कल्चर को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की जा रही है. दर्शकों के बैठने वाली जगहों को अब नंबरों के बजाय देश की प्रमुख नदियों के नाम से जाना जाएगा. इनमें गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा, गोदावरी और कावेरी जैसी कुल 24 नदियों के नाम शामिल किए गए हैं. रक्षा सचिव के अनुसार इस बदलाव का मकसद समारोह को अधिक समावेशी और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है ताकि आम नागरिक और खास मेहमानों के बीच की दूरियां कम की जा सकें.

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ऑपरेशन सिंदूर की ताकत और आधुनिक हथियारों का होगा प्रदर्शन

इस साल परेड में भारत की सैन्य शक्ति का भी अनोखा प्रदर्शन देखने को मिलेगा. गणतंत्र दिवस के मौके पर उन फाइटर प्लेन, हथियारों और ड्रोन का प्रदर्शन किया जाएगा जिन्होंने हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. यह पहली बार होगा जब दर्शक उन युद्धक विमानों और आधुनिक उपकरणों को इतने करीब से देख पाएंगे जिन्होंने देश की सुरक्षा में बड़ा योगदान दिया है. रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इस प्रदर्शन से युवाओं में सेना के प्रति जोश बढ़ेगा और उन्हें देश की बढ़ती सैन्य ताकत का अहसास होगा. इसके साथ ही परेड के पूरे रास्ते में बैठने की व्यवस्था को भी इसी थीम के हिसाब से बेहद खास बनाया गया है.

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First published on: Jan 17, 2026 11:27 PM

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