Mirabai Chanu mother Saikhom Tombi Statement : मीरा हाल ही में चोट से जूझ रही थीं, इसलिए मन में थोड़ा संशय भी था. चूंकि वह चोटिल थी, इसलिए मुझे थोड़ा डर लग रहा था कि वह जीत पाएगी या नहीं, लेकिन जब उसने स्वर्ण पदक जीता, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. मैं बेहद उत्साहित हूं. यह कहना है कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को गोल्ड जीताने वालीं स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू की मां साईखोम तोम्बी का. महिलाओं के 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. मीराबाई चानू की इस हैट्रिक जीत से उनके गृहनगर मणिपुर के इम्फाल ईस्ट में जश्न का माहौल है. बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनकी मां साईखोम तोम्बी भावुक नजर आईं.
मीराबाई चानू की जीत के बाद उनकी मां साईखोम तोम्बी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मुझे पूरा विश्वास था कि वह जीतेगी और उसने यह करके दिखाया. यह तीसरी बार है जब मुझे इतनी खुशी महसूस हो रही है."
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गूंजी भारत की शान, मीराबाई चानू ने गोल्ड जीतकर रचा नया इतिहास
मैच से ठीक पहले लिया मां का आशीर्वाद
साईखोम तोम्बी ने मैच के दौरान की बातचीत को याद करते हुए बताया कि प्रतिस्पर्धा शुरू होने से पहले मीराबाई ने उन्हें फोन किया था और जीत के लिए आशीर्वाद मांगा था. इसके बाद शाम 5 बजे मीराबाई ने दोबारा फोन करके अपनी जीत की खुशखबरी दी. मां ने कहा, "शाम 5 बजे जब उसका दोबारा फोन आया, तो उसने बताया कि उसने अपना तीसरा टूर्नामेंट भी जीत लिया है और फिर से मेरा आशीर्वाद मांगा. मैंने उसे हमेशा जीतने का आशीर्वाद दिया था और मैं लगातार उसकी सफलता की प्रार्थना कर रही थी." चोट की बाधाओं को पार करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतना मीराबाई चानू के कड़े समर्पण और मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है. उनकी इस उपलब्धि से पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है.
Mirabai Chanu mother Saikhom Tombi Statement : मीरा हाल ही में चोट से जूझ रही थीं, इसलिए मन में थोड़ा संशय भी था. चूंकि वह चोटिल थी, इसलिए मुझे थोड़ा डर लग रहा था कि वह जीत पाएगी या नहीं, लेकिन जब उसने स्वर्ण पदक जीता, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. मैं बेहद उत्साहित हूं. यह कहना है कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को गोल्ड जीताने वालीं स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू की मां साईखोम तोम्बी का. महिलाओं के 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. मीराबाई चानू की इस हैट्रिक जीत से उनके गृहनगर मणिपुर के इम्फाल ईस्ट में जश्न का माहौल है. बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनकी मां साईखोम तोम्बी भावुक नजर आईं.
मीराबाई चानू की जीत के बाद उनकी मां साईखोम तोम्बी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मुझे पूरा विश्वास था कि वह जीतेगी और उसने यह करके दिखाया. यह तीसरी बार है जब मुझे इतनी खुशी महसूस हो रही है.”
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मैच से ठीक पहले लिया मां का आशीर्वाद
साईखोम तोम्बी ने मैच के दौरान की बातचीत को याद करते हुए बताया कि प्रतिस्पर्धा शुरू होने से पहले मीराबाई ने उन्हें फोन किया था और जीत के लिए आशीर्वाद मांगा था. इसके बाद शाम 5 बजे मीराबाई ने दोबारा फोन करके अपनी जीत की खुशखबरी दी. मां ने कहा, “शाम 5 बजे जब उसका दोबारा फोन आया, तो उसने बताया कि उसने अपना तीसरा टूर्नामेंट भी जीत लिया है और फिर से मेरा आशीर्वाद मांगा. मैंने उसे हमेशा जीतने का आशीर्वाद दिया था और मैं लगातार उसकी सफलता की प्रार्थना कर रही थी.” चोट की बाधाओं को पार करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतना मीराबाई चानू के कड़े समर्पण और मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है. उनकी इस उपलब्धि से पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है.