हिंद-प्रशांत इलाके में रक्षा सहयोग देने के लिए जापान ने हाथ बढ़ाया है. इसी सिलसिले में जापान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजुमी ऑस्ट्रेलिया और भारत का दौरा करने वाले हैं, जो इस क्षेत्र के मजबूत सहयोगी है. ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद वो 19 अगस्त को भारत पहुंचकर राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे. दरअसल, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन अपनी ताकत से अपना दायरा बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहा है. ऐसे में जापान के रक्षा मंत्री के भारत दौरे से चीन की नींद उड़ना लाज़्मी है.
क्यों खास है ये दौरा?
भारत और जापान अगले हफ्ते अपनी बढ़ती डिफेंस पार्टनरशिप की समीक्षा करने वाले हैं. इसके तहत, जापान के डिफेंस मिनिस्टर शिंजिरो कोइजुमी 20 अगस्त को नई दिल्ली में डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे.
कोइजुमी 19 अगस्त को मुंबई पहुंचेंगे और दिल्ली आने से पहले वहां एक नेवल बेस का दौरा कर सकते हैं. उनका ये दौरा UNICORN नेवल रेडियो एंटीना सिस्टम के लिए भारत और जापान के बीच पहले को-डेवलपमेंट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के ठीक बाद हो रहा है, जो उनकी डिफेंस टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप में एक और अहम कदम है.
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, कोइजुमी और राजनाथ सिंह के बीच बातचीत खासतौर से रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने और संयुक्त ऑपरेशनल तैयारी का आकलन करने पर केंद्रित होने की उम्मीद है. पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ा है और दोनों पक्ष कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं. सितंबर में इस साझेदारी को हवाई ताकत के मामले में भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जब जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के लड़ाकू विमान एक हवाई अभ्यास के लिए भारत आएंगे. अभ्यास के दौरान जापानी एयर चीफ जनरल ताकेहिरो मोरीता के भी भारत आने की संभावना है, जहां वो अभ्यास का निरीक्षण करेंगे और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे.