---विज्ञापन---

देश angle-right

7वें LPG टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान ने भारत के नाम दिया बड़ा संदेश

Iran Israel War: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत का LPG टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया. जिसके बाद ईरानी दूतावास ने भारत के नाम एक संदेश दिया है.

---खबर नीचे जारी है---

ईरान इजरायल युद्ध के बीच जब शुक्रवार को सातवां भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरा, तो ईरान ने नई दिल्ली के लिए एक स्पेशल मैसेज पोस्ट किया. मुंबई में मौजूद ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा कि भारत, खासतौर से गुजरात ईरान के साझा इतिहास में एक अनमोल जगह रखता है. दरअसल, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सिंघवी ने एक पोस्ट किया था, जिसमें टैंकर के होर्मुज से गुजरने पर उन्होंने इसे भारत की जीत बताई थी. इसी के जवाब में ईरानी दूतावास ने ये संदेश दिया. ईरान के वाणिज्य दूतावास ने आगे कहा कि सदियों पहले भारत के लोगों ने हमारे देश का बेहद खुशी से स्वागत किया था. ईरान ने कहा कि इस अटूट बंधन को आधार बनाते हुए दोस्ती और सहयोग के संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

ये भी पढ़ें: INS अरिधमान की एंट्री से बढ़ी भारत की ताकत, दुश्मनों के लिए बना ‘साइलेंट किलर’!

---खबर नीचे जारी है---

17 जहाज अभी भी होर्मुज में फंसे

ईरानी दूतावास की ये टिप्पणी संघवी के उस पोस्ट के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने बताया था कि 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी ले जा रहा जहाज ‘ग्रीन सानवी’ उस महत्वपूर्ण समुद्री यातायात मार्ग को पार करने के बाद घर लौट रहा है, जिसे ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद से प्रभावी रूप से बंद कर रखा है. गुजरात के उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट किया-एक और जहाज. भारतीय कूटनीति की एक और जीत. आपको बता दें कि अब तक, एलपीजी ले जाने वाले छह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करके भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं. लगभग 17 भारतीय जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिम में फंसे हुए हैं.

भारत के लिए क्यों है अहम?

ईरान ने जहां एक ओर “दुश्मन जहाजों” को होर्मुज जलमार्ग से गुजरने से रोक दिया है, वहीं दूसरी ओर उसने पांच “मित्र देशों”- भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान के लिए यह मार्ग खोल दिया है. इसके अलावा, ईरान ने इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना को भी मंजूरी दे दी है. दरअसल, भारत दुनिया के सबसे बड़े LPG आयातकों में से एक है और उसकी बड़ी मात्रा में गैस सप्लाई मध्य पूर्व से आती है. ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की रुकावट सीधे तौर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करती है. इसी कारण सरकार और नौसेना लगातार कोशिश कर रही हैं कि फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित निकाला जाए और गैस सप्लाई में किसी तरह की कोई रुकावट ना आए.

---खबर नीचे जारी है---

ये भी पढ़ें: भारतीय नौसेना की ताकत में एक और इजाफा, दुश्मन देश पर हुंकार भरने के लिए तैयार ‘तारागिरी’

First published on: Apr 04, 2026 05:32 PM

End of Article

About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

Read More

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola