---विज्ञापन---

देश angle-right

सियाचिन और लद्दाख में -30 डिग्री में भी काम करेंगे ड्रोन, IAF खरीदेगी 2,700 लॉजिस्टिक ड्रोन

शार्ट, मिडिल और हाई लेवल की ऊंचाई वाले तीन अलग-अलग बैंड्स के लिए ड्रोन को इंडियन एयरफोर्स में शामिल किया गया है. ये 20 किलो से लेकर 200 किलो तक जरूरी सामान ले जाने में यह सक्षम होगा.

---विज्ञापन---

भारतीय सेना और वायुसेना दुर्गम पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में रसद पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक ड्रोन सिस्टम को शामिल करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत ऊंचाई वाले सीमावर्ती चौकियों पर हथियार, राशन और दवाइयां भेजने के लिए 2,700 से अधिक ड्रोन खरीदे जा रहे हैं, जिससे हेलीकॉप्टरों और थल सैनिको पर डिपेंड होना कम हो जाएगा.

शार्ट, मिडिल और हाई लेवल की ऊंचाई वाले तीन अलग-अलग बैंड्स के लिए ड्रोन को इंडियन एयरफोर्स में शामिल किया गया है. ये 20 किलो से लेकर 200 किलो तक जरूरी सामान ले जाने में यह सक्षम होगा. माइनस 30 डिग्री से लेकर 50 डिग्री सेल्सियस तक के मौसम में काम करने की खासियत होगी. इस ड्रोन का मुख्य मकसद सियाचिन और पूर्वी लद्दाख जैसे कठिन इलाकों में ‘सेफ्टी तेज लास्ट-माइल’ सप्लाई को पूरा करना होगा.

---विज्ञापन---

खराब मौसम हो फिर भी भारतीय सेना को देश की सीमा की निगरानी करनी पड़ती है, और बॉर्डर पर तैनात सैनिकों के लिए रसद और दूसरे सामान को पहुंचाना भी जरूरी होता है, सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए भारतीय वायुसेना ने युद्धस्तर पर अपनी तैयारी की है.

इंडियन एयरफोर्स से मिली जानकारी के मुताबिक, कश्मीर के पुलवामा स्थित अवंतीपुरा एयर फोर्स स्टेशन के लिए एयर-बेस्ड लॉजिस्टिक पेलोड डिलीवरी सिस्टम की हायरिंग के लिए रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन जारी किया है. इसका मकसद ऐसे हवाई सिस्टम को शामिल करना है, जो फॉरवर्ड पोस्ट और बॉर्डर इलाको में तैनात सैनिकों तक दवाइयां, स्पेयर पार्ट्स, संचार उपकरण, गोला-बारूद और दूसरी जरूरी सामान पहुंचा सके.

---विज्ञापन---

रिटायर्ड विंग कमांडर मनीष कुमार के मुताबिक, देश की सेना की कई ऐसे सुदूर इलाके में सुरक्षा पोस्ट मौजूद हैं, जहां पर रसद को पहुंचने में कई दिन लग जाते हैं. ऐसे इलाकों में सड़क मार्ग से पहुंचना कठिन होता है. कुछ इलाकों पर मौसम कई दिनों तक हेलीकॉप्टर उड़ानों को भी प्रभावित कर देता है.

इस ड्रोन के माध्यम से जो सैनिक देश के लास्ट पोस्ट पर तैनात है, वहां तक संसाधन को ले जाने में मदद मिलेगी.

---विज्ञापन---

इंडियन एयरफोर्स के मुताबिक यह सिस्टम रेगुलर सप्लाई के अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसका इस्तेमाल दिन और रात दोनों समय किया जा सकेगा.

First published on: Aug 11, 2026 11:28 PM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola