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भारत-अमेरिका ट्रेड डील कब होगी फाइनल? जानिए- किस मसले पर अटकी बात

Piyush Goyal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल करने की कोशिश की जा रही है, हालांकि इसका सबसे बड़ा मुद्दा टैरिफ में ज्यादा से ज्यादा छूट हासिल करना होगा. इसको लेकर जानकारी इंडियन कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने दी है.

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India-US Trade Deal: कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने संकेत दिया है कि भारत अमेरिका के साथ अपना अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट पूरा करने के लिए तैयार है, बशर्ते वॉशिंगटन भारतीय एक्सपोर्टर्स को ऐसा टैरिफ स्ट्रक्चर दे जो बाकी देशों की तुलना में बेहतर हो. गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत आगे बढ़ी है, लेकिन आखिरी ऐलान भारतीय प्रोडक्टस के लिए विशेष टैरिफ व्यवस्था मिलने पर निर्भर करती है. बातचीत जारी रहने के कारण उनके इस महीने के आखिर में अमेरिका जाने की उम्मीद है.

टैरिफ स्ट्रक्चर की वजह से एग्रीमेंट में देरी

भारत और अमेरिका 2 फरवरी को एक अंतरिम बाइलेट्रल ट्रेड एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क पर सहमत हुए थे. हालांकि इस व्यवस्था पर अनिश्चितता तब पैदा हुई जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उस खास टैरिफ मैकेनिज्म के कानूनी आधार को खारिज कर दिया जिसका इस्तेमाल वॉशिंगटन करने की प्लानिंग कर रहा था. गोयल ने कहा कि भारत समझौते पर तभी आगे बढ़ेगा जब अमेरिकी टैरिफ से भारतीय बिजनसेज को दूसरे देशों के कॉम्पिटीटर्स की तुलना में क्लियर फायदा मिले.

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FTA नेटवर्क का विस्तार

गोयल ने मौजूदा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) का बेहतर इस्तेमाल करने के सरकार की कोशिशों पर भी जोर दिया. नरेंद्र मोदी सरकार के तहत भारत ने मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, EFTA, ओमान और ब्रिटेन सहित कई बाजारों के साथ 9 व्यापार समझौते किए हैं. यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड के साथ समझौते लागू होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. ट्रेड एक्सपर्ट्स ने अमेरिकी टैरिफ उपायों को लेकर बनी अनिश्चितता को एक और चुनौती बताया है. उन्होंने कहा कि एडिशनल इंवेस्टिगेशन और संभावित ड्यूटी बातचीत को जटिल बना सकती हैं और एक संतुलित समझौते के लिए इन मुद्दों को हल करने की जरूरत है.

समझौते पाइपलाइन में कई व्यापार

अमेरिका के अलावा, भारत कनाडा, मैक्सिको, चिली, मर्कोसुर, SACU, GCC और इजराइल के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है. नई दिल्ली आसियान, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ मौजूदा समझौतों की समीक्षा भी कर रही है. ऐसे में उम्मीद है इंडिया को इस क्षेत्र में काफी कामयाबी मिल सकती है. गोयल ने कहा कि बड़ी FTA रणनीति का मकसद भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए खास पहुंच का विस्तार करना और आखिरकार कॉम्पिटिटिव टैरिफ रेट्स पर ग्लोबल ट्रेड के बहुत बड़े हिस्से को कवर करना है.

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First published on: Sep 04, 2026 10:55 AM

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