Who was Anurag Dhankar IPS : अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ कौन थे और उनका पुलिस सेवा करियर कैसा रहा. अनुराग धनखड़ 1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी थे. वे मई 2025 से त्रिपुरा पुलिस के सर्वोच्च पद 'डीजीपी' पर कार्यरत थे. अपने तीन दशक से अधिक लंबे शानदार करियर में उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी मामले में CBI जांच का नेतृत्व किया था और गृह मंत्रालय द्वारा गठित 1984 सिख विरोधी दंगों की SIT के अध्यक्ष भी रहे थे. 20 जुलाई 2026 को अगरतला पुलिस मुख्यालय में उनकी असामयिक मृत्यु से देश के प्रशासनिक और पुलिस हलकों में गहरा शोक व्याप्त है.
अनुराग धनखड़ का करियर और प्रमुख उपलब्धियां
1994 में IPS के रूप में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होने वाले अनुराग धनखड़ को उनकी सत्यनिष्ठा और कठिन मामलों को सुलझाने की क्षमता के लिए जाना जाता था. उन्हें 'राष्ट्रपति पुलिस पदक' और 'मेधावी सेवा पुलिस पदक' से सम्मानित किया गया था. अनुराग धनखड़ ने राज्य के लोंगथराई घाटी में SDPO और अविभाजित पश्चिमी व दक्षिणी त्रिपुरा जिलों में जिला SP के रूप में काम किया. 2003-2004 में अनुराग धनखड़ ने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय शांति मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया.
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और CBI में बड़ी भूमिकाएं (2005 - 2023)
- नीरव मोदी और PNB घोटाला केस: CBI में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश के सबसे चर्चित पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में नीरव मोदी की जांच टीमों का कुशल नेतृत्व किया.
- 1984 सिख दंगा SIT अध्यक्ष: गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों के बंद पड़े मामलों की फिर से जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण रिपोर्ट सौंपी थी.
- CISF और BPR&D में योगदान: अनुराग धनखड़ ने CISF में आईजी (कार्मिक) और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) में आईजी के पदों को संभाला.
Who was Anurag Dhankar IPS : अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ कौन थे और उनका पुलिस सेवा करियर कैसा रहा. अनुराग धनखड़ 1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी थे. वे मई 2025 से त्रिपुरा पुलिस के सर्वोच्च पद ‘डीजीपी’ पर कार्यरत थे. अपने तीन दशक से अधिक लंबे शानदार करियर में उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी मामले में CBI जांच का नेतृत्व किया था और गृह मंत्रालय द्वारा गठित 1984 सिख विरोधी दंगों की SIT के अध्यक्ष भी रहे थे. 20 जुलाई 2026 को अगरतला पुलिस मुख्यालय में उनकी असामयिक मृत्यु से देश के प्रशासनिक और पुलिस हलकों में गहरा शोक व्याप्त है.
अनुराग धनखड़ का करियर और प्रमुख उपलब्धियां
1994 में IPS के रूप में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होने वाले अनुराग धनखड़ को उनकी सत्यनिष्ठा और कठिन मामलों को सुलझाने की क्षमता के लिए जाना जाता था. उन्हें ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ और ‘मेधावी सेवा पुलिस पदक’ से सम्मानित किया गया था. अनुराग धनखड़ ने राज्य के लोंगथराई घाटी में SDPO और अविभाजित पश्चिमी व दक्षिणी त्रिपुरा जिलों में जिला SP के रूप में काम किया. 2003-2004 में अनुराग धनखड़ ने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय शांति मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया.
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और CBI में बड़ी भूमिकाएं (2005 – 2023)
- नीरव मोदी और PNB घोटाला केस: CBI में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश के सबसे चर्चित पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में नीरव मोदी की जांच टीमों का कुशल नेतृत्व किया.
- 1984 सिख दंगा SIT अध्यक्ष: गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों के बंद पड़े मामलों की फिर से जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण रिपोर्ट सौंपी थी.
- CISF और BPR&D में योगदान: अनुराग धनखड़ ने CISF में आईजी (कार्मिक) और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) में आईजी के पदों को संभाला.