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YSRTP चीफ ने तेलंगाना के कालेश्वरम सिंचाई परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, कहा- ये भारत का सबसे बड़ा घोटाला

नई दिल्ली: वाईएसआर तेलंगाना पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला ने शुक्रवार को तेलंगाना में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और इसे भारत का सबसे बड़ा घोटाला बताया। शर्मिला ने आरोप लगाया कि 80,500 करोड़ रुपये की परियोजना में निवेश किए गए धन […]

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Edited By : Om Pratap Updated: Oct 8, 2022 11:57

नई दिल्ली: वाईएसआर तेलंगाना पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला ने शुक्रवार को तेलंगाना में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और इसे भारत का सबसे बड़ा घोटाला बताया। शर्मिला ने आरोप लगाया कि 80,500 करोड़ रुपये की परियोजना में निवेश किए गए धन का एक बड़ा हिस्सा गबन किया गया था।

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एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मिला ने कहा, “मैं यहां भारत में सबसे बड़े घोटाले को उजागर करने के आईं लिए हूं। कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना घोटाला बड़ा है। इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है। उन्होंने आगे दावा किया कि सिंचाई परियोजना मूल रूप से उनके पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी का विचार था, लेकिन अब इसे उलझा दिया गया है।

शर्मिला ने कहा कि कलेश्वरम परियोजना मेरे पिता के दिमाग की उपज थी लेकिन इसे हर रूप में पीछे रखने की कोशिश की गई। इसमें निवेश किए गए 1.2 लाख करोड़ रुपये में से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये केंद्रीय वित्तीय संस्थानों से आए थे। हम सीबीआई निदेशक से मिले और उन्होंने भ्रष्टाचार को देखने के लिए एक डीआईजी रैंक के अधिकारी को नियुक्त किया।

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2019 में केसीआर ने किया था सिंचाई परियोजना का उद्घाटन

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने जून 2019 में भूपालपल्ली जिले में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी मल्टी-स्टेज लिफ्ट सिंचाई योजना के रूप में बताया गया। यह प्रोजेक्ट शुरू से ही विवादों में रहा है।

अगस्त 2019 में भोंगिर के कांग्रेस सांसद कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को क्रियान्वित करने में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था।

रेड्डी ने विस्तृत जांच की मांग की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से काम तुरंत रोकने और सरकारी खजाने से संबंधित बड़ी राशि के दुरुपयोग को रोकने का आग्रह किया था। अक्टूबर 2020 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने माना कि तेलंगाना में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को दी गई पर्यावरण मंजूरी कानून का उल्लंघन है। क्षति की सीमा का आकलन करने और आवश्यक बहाली उपायों की पहचान करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करने का निर्देश दिया गया।

80 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत से बनी है सिंचाई परियोजना

कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई (KLIP) परियोजना का निर्माण मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) द्वारा किया गया है। एमईआईएल के निदेशक बी श्रीनिवास रेड्डी ने एएनआई को बताया था कि 37.08 लाख एकड़ भूमि में सिंचाई के पानी को पूरा करने के लिए परियोजना तैयार की गई थी। परियोजना को प्रतिदिन 3 टीएमसी पानी पंप करने के लिए 7,152 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है।

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80,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ KLIP किसी राज्य द्वारा शुरू की गई सबसे महंगी सिंचाई परियोजना है। यह करीमनगर, निजामाबाद, वारंगल, मेडक, नलगोंडा और रंगा रेड्डी जिले के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है।

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First published on: Oct 07, 2022 06:00 PM

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