भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच टैरिफ को लेकर छिड़े विवाद के बीच आज बातचीत हुई है। इस बातचीत में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई है। यह टेलिफोनिक वार्ता ऐसे समय पर हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत सहित लगभग 50 देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक शुल्क लगाने की घोषणा की है।
एस. जयशंकर और रुबियो के बीच यह पहली उच्च स्तरीय बातचीत थी, जो 2 अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ की घोषणा के बाद हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि मार्को रुबियो के साथ बातचीत अच्छी रही। इंडो-पैसिफिक, भारतीय उपमहाद्वीप, यूरोप, मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया और कैरेबियाई क्षेत्रों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्दी निष्कर्ष तक पहुंचाने के महत्व पर सहमति बनी।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच फिलहाल द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। इस दिशा में तेजी फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वॉशिंगटन डीसी में मुलाकात के बाद आई थी। दोनों नेताओं ने जल्द व्यापार समझौते का पहली स्टेज पूरा करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही अमेरिकी असिस्टेंट ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ब्रेंडन लिंच ने भी भारत का दौरा किया था और भारतीय अधिकारियों के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर चर्चा की थी।
अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत राष्ट्रपति ट्रंप ने उन देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक शुल्क लगाने की घोषणा की है, जो अमेरिकी उत्पादों पर अधिक आयात शुल्क लगाते हैं। अमेरिका का आरोप है कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर अत्यधिक शुल्क लगाता है, जिसके जवाब में अमेरिका ने भारत पर 26 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की है।