देश के कई राज्यों में मानसून पूरी तरह से एक्टिव है. ऐसे में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है. IMD ने बताया कि इन चार राज्यों में 9 सितंबर तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा सिक्किम में भी कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी होने की आशंका है. हालांकि पंजाब और हरियाणा के लिए IMD ने 13 सितंबर तक भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं जारी किया है. मौसम विभाग का कहना है कि नॉर्थ-ईस्ट के कुछ इलाकों में हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है, लेकिन आंधी तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी है.
---विज्ञापन---
कहां-कैसा मौसम रहेगा?
IMD ने बताया कि हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में 7 से 10 सितंबर के बीच तेज बारिश हो सकती है , वहीं 11-13 सितंबर के बीच हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं. पिछले 24 घंटों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेली ने मौसम की सबसे ज्यादा मार झेली है.IMD की जानकारी के मुताबिक, यहां रिकॉर्ड 38 Cm बारिश दर्ज की गई है. इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के महसी (बहराइच) में 18 Cm, उत्तराखंड के गूलरभोज में 15 Cm और बिहार के लौकही (मधुबनी) में 12 Cm बारिश रिकॉर्ड हुई है.
क्या है आसमानी आफत की वजह?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस वक्त वायुमंडल में कई सिस्टम एक साथ एक्टिव हो गए हैं. दक्षिण-पश्चिम का कम दवाब का क्षेत्र अब मिडिल यूपी में सक्रिय हो गया गै, जिसकी वजह से साइक्लोनिक सर्कुलेशन हुआ है. सिर्फ इतना ही नहीं, दक्षिण गुजरात से लेकर यूपी के कम दवाब वाले इलाके तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है. मिड ट्रोपोस्फेर्रिक लेवल पर कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों में एक western disturbance भी एक्टिव है. इन सभी वजहों से उत्तर, पूर्वी और मध्य भारत पर आसमानी आफत का खतरा मंडरा रहा है.वहीं , दक्षिण भारत पर अभी बारिश की संभावना ना के बराबर है. IMD का कहना है कि दक्षिण भारत के राज्यों में अगले 6-7 दिनों तक बरसात नहीं होने वाली. हालांकि, केरल और माहे में 7 से 9 सितंबर तक उमस भरी गर्मी लोगों के लिए मुसीबत बन सकती है.
---विज्ञापन---
ये भी पढ़ें: दिल्ली की तेज बारिश की पीछे सिर्फ मानसून जिम्मेदार नहीं, ये फैक्टर्स भी बन रहे ‘विलेन’
---विज्ञापन---