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एक ही पटरी पर दौड़ रहीं मेट्रो और ‘नमो भारत’, जानिए- कैसे काम कर रहा भारत का यह पहला अनूठा मॉडल

पीएम मोदी ने पहले नमो भारत RRTS और बाद में मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया. जिस तरह पीएम मोदी ने एक ही इवेंट में दो उद्घाटन कर एक तीर से दो निशाने साधने जैसा काम किया है, वैसा ही 'नमो भारत' और मेरठ मेट्रो को बनाने में किया गया है.

Author Edited By : Arif Khan
Updated: Feb 24, 2026 20:03

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को दिल्ली-मेरठ ‘नमो भारत’ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर का उद्घाटन किया. इस 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के अलावा मेरठ मेट्रो का भी शुभारंभ किया गया है. इसे भारत की सबसे तेज अर्बन रेल सिस्टम बताया जा रहा है. पीएम मोदी ने पहले नमो भारत RRTS और बाद में मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया. जिस तरह पीएम मोदी ने एक ही इवेंट में दो उद्घाटन कर एक तीर से दो निशाने साधने जैसा काम किया है, वैसा ही ‘नमो भारत’ और मेरठ मेट्रो को बनाने में किया गया है.

नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों एक पटरी पर चल रही हैं. हालांकि, दोनों के कोच अलग-अलग हैं. RRTS के जरिए दिल्ली से मेरठ के सफर कुछ मिनटों में किया जा सकता है, वहीं मेट्रो मेरठ के भीतर शहर के अंदर चल रही है. मेरठ खंड में RRTS के चार स्टेशन हैं, मेरठ मेट्रो उसी खंड पर 13 स्टेशनों को कवर करती है. इसके साथ ही, मेरठ भारत का पहला शहर बन गया है, जहां दो ट्रेन सर्विस RRTS और मेट्रो एक ही ट्रैक पर चलती हैं. मेरठ मेट्रो की मैक्सिमम स्पीड 120 kmph है और शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में लगभग 30 मिनट लगते हैं.

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ऐसे मामलों में, एडवांस्ड सिग्नलिंग से ऑपरेशन आसान होता है. प्लेटफॉर्म दोनों तरह की ट्रेनों के लिए डिजाइन किए गए हैं.

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‘नमो भारत’ नई दिल्ली के सराय काले खां को उत्तरी मेरठ के मोदीपुरम से जोड़ता है. यह कॉरिडोर 82 किमी लंबा है. इसे NCRTC ने बनाया है. इन ट्रेनों को सेमी हाई स्पीड रीजनल ट्रैवल के लिए डिजाइन किया गया है. ये 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती हैं. दिल्ली और मेरठ की पूरी यात्रा अब करीब 55-58 मिनट में पूरी हो जाती है. पहले सड़क के रास्ते दो घंटे से ज्यादा समय लग जाता था.

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भारत में इस तरह का प्रयोग पहली बार मेरठ में किया गया है. हालांकि,दूसरे कई देशों में पहले से ऐसी व्यवस्था है. जर्मनी के कार्ल्सरूहे में ट्राम ट्रेनें शहर के ट्राम ट्रैक और मेनलाइन रेलवे ट्रैक दोनों पर चलती हैं. पेरिस में, RER नेटवर्क के कुछ हिस्से सबअर्बन और नेशनल रेल सर्विस के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर करते हैं. टोक्यो में भी ऐसी ही व्यवस्था है.

First published on: Feb 24, 2026 08:03 PM

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