जनगणना को लेकर बड़ा फैसला, अभद्र सवाल पूछे तो अधिकारी को होगी 3 साल की जेल, पढ़ें सरकार के निर्देश

Census 2027: भारत में डिजिटल जनगणना हो रही है और इसे लेकर केंद्र सरकार ने कड़े दिशा निर्देश जारी किए हैं। जनगणना करने वाले अधिकारियों को भी सावधानी बरतते हुए सवाल पूछने की चेतावनी दी गई है।

Census in India

देश में पहली बार डिजिटल जनगणना हो रही है।

Census 2027 Update: जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने कुछ सख्त निर्देश जारी किए हैं। इनमें सबसे बड़ा निर्देश भारतीयों से अभद्र सवाल पूछलने को लेकर है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के लिए आंकड़े कलेक्ट करते समय अगर अधिकारी ने जानबूझकर कोई अभद्र सवाल पूछा तो सजा मिलेगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत 3 साल तक की जेल हो सकती है। इसलिए अधिकारी सावधानी बरतते हुए सवाल पूछें।

विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्र सरकार का नया सर्कुलर जारी

भारत के महापंजीयक के अनुसार, भारत में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है, जिसे लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। इसलिए केंद्र के निर्देश पर एक नया सर्कुलर जारी किया गया है, जिसमें जनगणना को लेकर पूछे जाने वाले सवालों को लेकर एक आदेश जारी हुआ है। सरकार ने कहा है कि अगर किसी जनगणना अधिकारी जानबूझकर कोई अपमानजनक या अनुचित सवाल पूछा और वह दोषी पाया गया तो एक्ट के तहत उसे 3 साल की जेल की सजा हो सकती है।

जुर्माना और सजा दोनों झेलनी होगी

भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों को नए आदेश को लेकर नोट भेज दिया है। साथ ही नोट में आदेश का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है। सरकारी नोट में जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 का जिक्र करते हुए सवाल पूछते समय सावधानी बरतने को कहा गया है। इसमें स्पष्ट है कि गलत सवाल पूछने या गलत जानकारी दर्ज करने पर 1000 रुपये के जुर्माने से लेकर 3 साल की जेल की सजा या जुर्माना-सजा दोनों झेलनी होगी।

विज्ञापन

अधिकारयों को यह चेतावनी भी मिली

केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि अधिकारी जनगणना करते समय गलत जानकारी न भरें। परमिशम के बिना किसी की निजी जानकारी किसी से भी शेयर न करेंगे। जो अधिकारी जनगणना कार्य में लापरवाही बरतेंगे, सरकारी आदेशों का उल्लंघन करेंगे या किसी कर्मचारी के काम में बाधा डालेंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनगणना के दस्तावेजों को छिपाने, नुकसान पहुंचाने या उनमें किसी भी तरह की स्थिति में हेर-फेर करने की गुस्ताखी तो भूलकर भी न करें तो अच्छा होगा।

विज्ञापन

डिजिटल और जाति आधारित जनगणना

बता दें कि देश में पहली बार डिजिटल और जाति आधारित जनगणना हो रही है। आजादी के बाद 16वीं बार जनगणना हो रही है और इसमें पहली बार जातिगत जनगणना भी कराई जा रही है। जनगणना कराने के लिए 11718 करोड़ का बजट आवंटित हुआ है। यूं तो जनगणना साल 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण इसे टाल दिया गया था, जो अब साल 2027 में कराई जाएगी। इसमें भारतीय नागरिकों को अपनी डिटेल खुद ऑनलाइन भरने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का विकल्प मिलेगा।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ