Houthi Attack In Red Sea Latest Update: इजराइल-हमास युद्ध के बीच हूती विद्रोहियों के हमले को देखते हुए भारतीय नौसेना ने हथियारों से लैस 4 जहाज लाल सागर में तैनात कर दिए हैं। भारतीय नौसेना ने विध्वंसक INS कोच्चि, कोलकाता, मोरमुगाओ और फ्रिगेट INS त्रिशूल को लाल सागर के पास तैनात किया है। स्वदेशी INS कोच्चि राडार से बच निकलने में माहिर है। यह अत्याधुनिक हथियारों सुपर सोनिक तथा जमीन से जमीन तक मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है। INS कोलकाता भारत में बने सबसे ज्यादा ताकतवर युद्धपोतों में से एक है। यह लंबी दूरी तक जमीन से जमीन तक मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है। मोरमुगाओ भारतीय नौसेना के विशाखापत्तनम में बना विध्वंसक जहाज है। फ्रिगेट INS त्रिशूल सतह से हवा में मार करने वाले हथियार से लैस है।
सऊदी अरब से भारत आ रहे जहाज को टारगेट किया
वहीं दूसरी ओर, भारतीय नौसेना ने हूती विद्रोहियों के ड्रोन हमले का शिकार हुए शिप केम प्लूटो को निकालकर भारतीय तटरक्षक बल के जहाज और डोर्नियर हेलिकॉप्टरों की निगरानी में मुंबई रवाना कर दिया। साथ ही हमले की जांच भी शुरू कर दी है। नौसेना प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर से चल रहे इजराइल-हमास युद्ध की आंच भारत तक पहुंच गई है। इरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने समुद्र के रास्ते भारत आ रहे एक शिप पर हमला किया। यह शिप सऊदी अरब से भारत आ रहा था, लेकिन इसमें जो सामान था, वह इजराइल से जुड़ा हुआ था, इसलिए इजराइल से दुश्मनी निकालने के लिए हमलावरों ने जहाज को अपना निशाना बनाया। भारतीय समुद्री तट से करीब 370 किलोमीटर दूर इस जहाज पर ड्रोन अटैक किया गया। इस जहाज में 21 भारतीय भी थे।
भारत के लिए चिंता क्यों, लाल सागर में कब-कब हुए हमले?
दरअसल, हूती विद्रोही जिन रूटों को टारगेट कर रहा है, वह कच्चे तेल की सप्लाई के लिए इस्तेमाल होता है। अगर हूती इसी तरह हमले करता रहा तो यह भारत के लिए चिंता का विषय है। हाल में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात भी की थी। हमले होते रहने से तेल की सप्लाई पर असर पड़ने से तेल के दामों पर असर पड़ेगा। वहीं इजराइल हमास युद्ध शुरू होने के बाद लाल सागर में 19 नवंबर को भी एक जहाज को निशाना बनाया गया था। हूती विद्रोहियों ने UK के जहाज को भी हाईजैक कर लिया था। 3 दिसंबर, 12 दिसंबर और 13 दिसंबर को भी हूती विद्रोहियों ने समुद्र में जहाजों पर हमले किए।