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बजरंग दल ने खान सर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, महाराजा हरि सिंह पर दिया विवादित बयान

Khan Sir News: बिहार के चर्चित शिक्षक खान सर के खिलाफ बजरंग दल ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। खान सर का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह कश्मीर के महाराजा हरि सिंह को लेकर विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं। पढ़िए जम्मू से हमारे संवाददाता पंकज शर्मा की पूरी रिपोर्ट।

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राष्ट्रीय बजरंग दल ने बिहार के पटना निवासी चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बजरंग दल का कहना है कि खान सर द्वारा जम्मू-कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह एवं उनके परिवार की महिलाओं के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी से जम्मू का डोगरा समाज अत्यंत आहत और क्रोधित है। यह टिप्पणी न केवल ऐतिहासिक विरासत का अपमान है, बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने का भी प्रयास है।

बजरंग दल ने क्या कहा?

राष्ट्रीय बजरंग दल इस प्रकार की अभद्र भाषा और मानसिकता की कड़े शब्दों में निंदा करता है। प्रदेश अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने आज एक बयान में कहा कि ‘ऐसे लोगों को समाज में जगह नहीं मिलनी चाहिए, जो हमारे गौरवशाली इतिहास और नारी सम्मान पर कुठाराघात करें। हम मांग करते हैं कि बिहार सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन फैजल खान पर संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अंतर्गत तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर, उन्हें गिरफ्तार करे और कानूनन कड़ी सजा दिलाई जाए।’ उन्होंने कहा कि डोगरा समाज के गौरव की रक्षा के लिए राष्ट्रीय बजरंग दल हमेशा तत्पर रहेगा और यदि जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सड़कों पर उतर कर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगा।

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क्या कहा था खान सर ने?

खान सर का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कह रहे हैं कि ‘जम्मू-कश्मीर को भारत में शामिल करने में देरी करना कश्मीर के महाराजा हरि सिंह की गलती थी। वह कश्मीर को स्विट्जरलैंड बनाना चाहते थे, उनके रिश्तेदारों को उठा लेकर गया था पाकिस्तान। हरि सिंह विशुद्ध लालची और मतलबी थे।’

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कौन थे महाराजा हरि सिंह?

कश्मीर के महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर रियासत के अंतिम शासक थे। उनका जन्म 23 सितंबर 1895 को हुआ था और 26 अप्रैल 1961 को उनका निधन हो गया था। वह महाराजा प्रताप सिंह के भतीजे और राजा अमर सिंह के पुत्र थे। 1925 में अपने चाचा महाराजा प्रताप सिंह की मृत्यु के बाद हरि सिंह जम्मू-कश्मीर के शासक बने थे। 1947 में भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद 26 अक्टूबर 1947 को उन्होंने भारत में जम्मू-कश्मीर के विलय के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

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First published on: Jul 14, 2025 04:55 PM

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