BCI चेयरमैन ने लॉ छात्रों से क्यों मांगी माफी? स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लिखे पत्र में जताया खेद
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने 15 अगस्त के मौके पर लॉ छात्रों के नाम एक पत्र जारी किया. दीक्षांत समारोह विवाद और BCI की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बाद मनन मिश्रा ने छात्रों से माफी मांगी है. पत्र में उन्होंने कहा कि यदि उनके किसी शब्द या पत्र से विद्यार्थियों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका गहरा खेद है.
Edited By : Vijay Jain|Updated: Aug 15, 2026 21:37
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Photo Credit: ANI
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बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के कानून के छात्रों के नाम एक पत्र लिखकर माफी मांगी है. हाल के दिनों में उपजे विवाद और BCI की भूमिका पर छात्रों की ओर से की गई तीखी आलोचना के बाद उनका यह बयान सामने आया है. दरअसल, NALSAR हैदराबाद और NLSIU बेंगलुरु के छात्रों द्वारा CJI सूर्य कांत की 2026 के दीक्षांत समारोह में भागीदारी को लेकर उठे विवाद में BCI की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए गए थे. छात्रों और कानूनी हलकों में इसे लेकर लगातार विरोध और असंतोष देखा जा रहा था.
मनन कुमार मिश्रा ने अपने पत्र में किसी खास यूनिवर्सिटी का नाम सीधे तौर पर तो नहीं लिखा, लेकिन उन्होंने हाल की उन सभी घटनाओं का जिक्र किया जिनसे छात्रों में बेचैनी और चिंता पैदा हुई थी. उन्होंने पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके किसी भी शब्द, बयान या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका बेहद खेद है और वे इसके लिए दिल से क्षमाप्रार्थी हैं. BCI चीफ के इस कदम को छात्रों के आक्रोश को शांत करने और संवाद कायम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद के आगामी दीक्षांत समारोह में CJI सूर्य कांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था. यूनिवर्सिटी के छात्रों के एक वर्ग ने CJI को बुलाने का विरोध किया था. इस विरोध के बाद BCI ने अपने लिखित आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी राज्य की बार काउंसिल द्वारा नालसार यूनिवर्सिटी से 2026 में लॉ की डिग्री प्राप्त करने वाले किसी भी छात्र को एडवोकेट के रूप में पंजीकृत नहीं किया जाएगा. हालांकि कुछ घंटे बाद इस पूरे मामले पर हुई आपातकालीन चर्चा के बाद BCI ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि किसी भी छात्र को ‘बिना किसी गलती के’ नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.