देश में चुनावी प्रक्रिया को साफ और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है. हाल ही में किए गए विशेष पुनरीक्षण अभियान(SIR) के तहत 12 राज्यों में करीब 5 करोड़ ऐसे मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जो या तो अयोग्य थे या फिर फर्जी पाए गए. चुनाव आयोग ने जो SIR करवाया, उसका मकसद वोटर लिस्ट को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलत या डुप्लीकेट नामों को हटाना था. आयोग के मुताबिक, कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम अलग-अलग जगहों पर दर्ज थे, जबकि कुछ लोग ऐसे भी थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन उनका नाम अब भी सूची में शामिल था.
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क्या बदलाव हुआ?
इस अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने घर-घर जाकर वैरिफिकेशन किया. इसके साथ ही डिजिटल डेटा और आधार से जुड़े रिकॉर्ड्स का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि मतदाता सूची को ज्यादा सटीक बनाया जा सके. आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया में लाखों नए योग्य मतदाताओं के नाम भी जोड़े गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से चुनाव में गड़बड़ी की संभावना कम होगी और फर्जी मतदान पर रोक लगेगी. ये कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि साफ-सुथरी मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की नींव होती है.
UP में जोड़े गए सबसे ज्यादा नाम
चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि सूची से नाम हटाए जाने के साथ-साथ करीब 2 करोड़ नए नाम जोड़े भी गए हैं. सबसे ज्यादा नए नाम यूपी में शामिल किए गए हैं. राज्य में 92.4 लाख नए वोटर्स के नाम लिस्ट में जुड़े हैं. यूपी के बाद तमिलनाडु में 35 लाख, केरल में 20.4 लाख और राजस्थान में 15.4 लाख नए नाम शामिल किए गए. मध्य प्रदेश में 12.9 लाख और गुजरात में 12 लाख से ज्यादा वोटर्स ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया.
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