हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

दुश्मन के जहाजों का काल! DRDO और नौसेना ने किया 'एंटी-शिप मिसाइल' का सफल परीक्षण; एक साथ दागीं दो मिसाइलें

इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर), चांदीपुर में तैनात रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री जैसे अलग-अलग रेंज ट्रैकिंग उपकरणों का इस्तेमाल करके इसे बनाया गया है.

विज्ञापन

रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट पर नौसेना के हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म से नौसेना एंटी-शिप मिसाइल-शॉर्ट रेंज (NASM-SR) का पहला लॉन्च सफलतापूर्वक किया है. परीक्षण के दौरान, एक ही हेलीकॉप्टर से दो मिसाइलों को तत्काल में लॉन्च किया गया, जिसके बाद यह उन्नत वायु-प्रक्षेपित एंटी-शिप मिसाइल प्रणाली का पहला लॉन्च बन गया.

इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर), चांदीपुर में तैनात रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री जैसे अलग-अलग रेंज ट्रैकिंग उपकरणों का इस्तेमाल करके इसे बनाया गया है. डेटा के मुताबिक सभी परीक्षण का उद्देश्य पूरी तरह से पूरा कर लिया गया है. सैल्वो लॉन्च क्षमता साबित करने के साथ-साथ, मिसाइलों ने वॉटरलाइन हिट क्षमता का प्रदर्शन किया. परीक्षण प्रक्षेपण को डीआरडीओ के सीनियर साइंटिस्ट , भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के सीनियर अफसर की देखरेख में यह लॉन्च किया गया है.

क्या है NASM-SR मिसाइल

यह एक ठोस बूस्टर और लंबे समय तक जलने वाले अनुरक्षक का इस्तेमाल करने वाला अटेकर मिसाइल है. सीकर, एवियोनिक्स मॉड्यूल, उन्नत नेविगेशन और सटीक फाइबर-ऑप्टिक जाइरोस्कोप-आधारित इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम और रेडियो-अल्टीमीटर के साथ-साथ उन्नत नियंत्रण और मार्गदर्शन एल्गोरिदम, उच्च-बैंडविड्थ दो-तरफा डेटा लिंक और जेट-वेन नियंत्रण का उपयोग करके डीआरडीओ और आत्मनिर्भर भारत के तहत बने अलग-अलग लेबोरेट्री में स्वदेशी तरीके से विकसित किया गया है.

विज्ञापन

मिसाइल प्रणाली को हैदराबाद स्थित अनुसंधान केंद्र और डीआरडीओ हैदराबाद के सहयोग से विकसित किया गया है. उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला-पुणे, टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला-चंडीगढ़ और आईटीआर चांदीपुर भी इससे बनाने में शामिल थे. मिसाइलों का उत्पादन वर्तमान में डीसीपीपी और भारतीय उद्योगों और स्टार्ट-अप की मदद से किया गया है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल प्रथम सैल्वो लॉन्च के लिए डीआरडीओ, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और डीसीपीपी भागीदारों सहित उद्योग की सराहना की है. उन्होंने कहा कि इस मिसाइल के विकास से रक्षा बलों की क्षमताएं काफी हद तक बढ़ जाएंगी.

विज्ञापन

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत ने सफल साल्वो लॉन्च से जुड़ी टीमों को बधाई दी है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola