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मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारतीय उड़ानों पर मंडराया खतरा? पायलट एसोसिएशन ने सरकार और DGCA से की बड़ी अपील

ALPA इंडिया का कहना है कि पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में सुरक्षा हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं. ऐसे में युद्ध प्रभावित एयरस्पेस या आसपास उड़ान भरने वाले भारतीय विमान कई तरह के जोखिमों का सामना कर सकते हैं.

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मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भारत के पायलटों की चिंता बढ़ा दी है. युद्ध के संकट के चलते एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को पत्र लिखकर मिडिल ईस्ट देशों के लिए उड़ान भरने वाली एयरलाइंस पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है. एसोसिएशन ने विशेष रूप से दुबई और अबू धाबी जैसे देशों के लिए उड़ने वाली फ्लाइट्स को तब तक स्थगित रखने की सिफारिश की है, जब तक राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां सुरक्षा का पूरा आकलन नहीं कर लेती.

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पायलट एसोसिएशन ने गिनाए संभावित खतरे


ALPA इंडिया का कहना है कि पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में सुरक्षा हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं. ऐसे में युद्ध प्रभावित एयरस्पेस या आसपास उड़ान भरने वाले भारतीय विमान कई तरह के जोखिमों का सामना कर सकते हैं. एसोसिएशन के अनुसार यह खतरा सिर्फ सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी विमान की गलत पहचान, मिसाइल हमले, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, जीपीएस सिग्नल में व्यवधान, अचानक बदलते एयरस्पेस प्रतिबंध और पायलटों तक समय पर खुफिया जानकारी नहीं पहुंचने जैसी परिस्थितियां भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं.

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एसोसिएशन ने पहले भी की थी ऐसी मांग


पायलट एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि भारतीय एयरलाइंस द्वारा खाड़ी देशों के लिए ऑपरेटेड सभी व्यावसायिक उड़ानों को तब तक रोका जाना चाहिए, जब तक राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया, विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ स्वतंत्र और व्यापक खतरा मूल्यांकन नहीं कर लेते. एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने इसी वर्ष मार्च में भी DGCA से इसी तरह की एहतियाती कार्रवाई करने का अनुरोध किया था, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो रही थीं. गौरतलब है कि सीजफायर बीच में ही खत्म होने और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव दोबारा बढ़ने के बाद संगठन ने अपनी मांग फिर दोहराई है.

First published on: Jul 21, 2026 06:50 AM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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