तमिलनाडु में टीवीके चीफ और सुपरस्टार विजय को सरकार बनाने से रोकने के लिए DMK-AIADMK मिलकर गठबंधन बनाने की चर्चा है. सुपरस्टार विजय बुधवार को सरकार बनाने का दावा पेश करने लोकभवन गए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्यपाल ने विजय का सरकार बनाने का दावा स्वीकार नहीं किया. विजय 112 विधायकों का समर्थन पत्र लेकर लोकभवन पहुंचे थे. राज्यपाल ने उनसे कहा कि आप 118 विधायकों का समर्थन पत्र लेकर आएं. बता दें, तमिलनाडु में बहुमत का आंकड़ा 118 है.
आंकड़ों की बात करें, तो AIADMK के पास 47 विधायक और DMK के पास 59 विधायक है. दोनों के विधायकों की संख्या मिला दी जाए तो केवल 106 ही होते हैं. विजय की टीवीके की तरह इन दोनों पार्टियों के पास भी बहुमत लायक विधायक नहीं हैं. वहीं, टीवीके के पास इस वक्त 107 विधायक हैं. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन दिया है, जिसके पास पांच विधायक हैं, ऐसे में इसका आंकड़ा 112 पहुंच जाता है. कांग्रेस को साथ लेने के बाद भी टीवीके बहुमत तक नहीं पहुंच पा रही है.
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दोनों द्रविड़ पार्टियां डीएमके और एआईएडीएमके तीसरे मोर्चे को तमिलनाडु में आने नहीं देना चाहेगी. हालांकि, दोनों का साथ आना भी मुश्किल लग रहा है, क्योंकि दोनों बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं.
पहले चर्चा थी कि विजय को समर्थन देने के लिए थिरुमावलवन की पार्टी VCK की गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक होने वाली थी. लेकिन डीएमके और एआईएडीएमके के गठबंधन की चर्चा के बीच वीसीके ने बैठक रद्द कर दी है. बताया जा रहा था कि टीवीके चीफ विजय ने सरकार गठन के लिए समर्थन मांगने की चर्चा चल रही थी.
बताया जा रहा है कि डीएमके और एआईएडीएमके दोनों रणनीति चल रहे हैं कि टीवीके को राजनीतिक और नैतिक रूप से कमजोर करना और पांच साल तक इंतजार करने के लिए मजबूर करना है.
यह भी पढ़ें : विजय को कांग्रेस ने किस शर्त पर दिया समर्थन? क्या थलापति बनेंगे मुख्यमंत्री? जानें इनसाइड स्टोरी
इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि AIADMK के 47 MLA में से करीब 30 MLA विजय के साथ हाथ मिलाने के पक्ष में हैं. लेकिन पार्टी चीफ ई पलानीस्वामी इसके लिए तैयार नहीं हैं.
तमिलनाडु में टीवीके चीफ और सुपरस्टार विजय को सरकार बनाने से रोकने के लिए DMK-AIADMK मिलकर गठबंधन बनाने की चर्चा है. सुपरस्टार विजय बुधवार को सरकार बनाने का दावा पेश करने लोकभवन गए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्यपाल ने विजय का सरकार बनाने का दावा स्वीकार नहीं किया. विजय 112 विधायकों का समर्थन पत्र लेकर लोकभवन पहुंचे थे. राज्यपाल ने उनसे कहा कि आप 118 विधायकों का समर्थन पत्र लेकर आएं. बता दें, तमिलनाडु में बहुमत का आंकड़ा 118 है.
आंकड़ों की बात करें, तो AIADMK के पास 47 विधायक और DMK के पास 59 विधायक है. दोनों के विधायकों की संख्या मिला दी जाए तो केवल 106 ही होते हैं. विजय की टीवीके की तरह इन दोनों पार्टियों के पास भी बहुमत लायक विधायक नहीं हैं. वहीं, टीवीके के पास इस वक्त 107 विधायक हैं. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन दिया है, जिसके पास पांच विधायक हैं, ऐसे में इसका आंकड़ा 112 पहुंच जाता है. कांग्रेस को साथ लेने के बाद भी टीवीके बहुमत तक नहीं पहुंच पा रही है.
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दोनों द्रविड़ पार्टियां डीएमके और एआईएडीएमके तीसरे मोर्चे को तमिलनाडु में आने नहीं देना चाहेगी. हालांकि, दोनों का साथ आना भी मुश्किल लग रहा है, क्योंकि दोनों बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं.
पहले चर्चा थी कि विजय को समर्थन देने के लिए थिरुमावलवन की पार्टी VCK की गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक होने वाली थी. लेकिन डीएमके और एआईएडीएमके के गठबंधन की चर्चा के बीच वीसीके ने बैठक रद्द कर दी है. बताया जा रहा था कि टीवीके चीफ विजय ने सरकार गठन के लिए समर्थन मांगने की चर्चा चल रही थी.
बताया जा रहा है कि डीएमके और एआईएडीएमके दोनों रणनीति चल रहे हैं कि टीवीके को राजनीतिक और नैतिक रूप से कमजोर करना और पांच साल तक इंतजार करने के लिए मजबूर करना है.
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इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि AIADMK के 47 MLA में से करीब 30 MLA विजय के साथ हाथ मिलाने के पक्ष में हैं. लेकिन पार्टी चीफ ई पलानीस्वामी इसके लिए तैयार नहीं हैं.