Pawan Mishra
Read More
---विज्ञापन---
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ और भारतीय वायु सेना ने एक साथ मिलकर हवा से सतह पर मार करने वाली रुद्रएम-II मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है. परीक्षण सभी उप-प्रणालियों की क्षमता वाले स्वदेशी तरीके से किया गया है. मिसाइल को दागने के बाद पिन-पॉइंट सटीकता के साथ लक्ष्य की ओर भेजा गया.
यह भी पढ़ें: कौन हैं लोखंडे प्रशांत सीताराम? CBSE चेयरमैन पद की मिली जिम्मेदारी, ली राहुल सिंह की जगह
डीआरडीओ के मुताबिक रुद्रम-II को रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के सहयोग से नोडल डीआरडीओ प्रयोगशाला के रूप में अनुसंधान केंद्र इमारत, हैदराबाद द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है. डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर्स (डीसीपीपी) के साथ-साथ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, रीजनल सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस, मिसाइल सिस्टम क्वालिटी एश्योरेंस एजेंसी और कई अन्य उद्योगों जैसी एजेंसियों ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल उड़ान-परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, आईएएफ, डीपीएसयू, डीसीपीपी और उद्योग के प्रयासों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि परीक्षणों ने स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता को प्रदर्शित किया है, जो उन्नत हथियार प्रणालियों में आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है.
यह भी पढ़ें: हिमांशु गुप्ता की जगह किसे बनाया गया CBSE का सचिव? केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।