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कांग्रेस ने असम विधानसभा के लिए जारी की उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, 23 कैंडिडेट्स का ऐलान

असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं, जिनमें 9 अनुसूचित जाति व 19 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. बहुमत के लिए 64 सीटों की आवश्यकता है. कांग्रेस ने चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा से पूर्व दोनों सूचियां जारी कर सत्तारूढ़ भाजपा पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की है.

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Written By: Akarsh Shukla Updated: Mar 14, 2026 23:27

आगामी असम विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शनिवार देर रात उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी. इस सूची में कुल 23 नाम शामिल हैं, जिसके साथ पार्टी ने अब तक 65 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र व लोकसभा सांसद गौरव गोगोई को जोरहाट से टिकट देकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है.

असम की 126 सीटों में से 80 पर तस्वीर साफ


पहली सूची में 42 उम्मीदवारों के नाम घोषित करने के बाद दूसरी सूची ने असम की 126 सीटों में से 80 पर तस्वीर साफ कर दी. कांग्रेस ने गठबंधन दलों के लिए 15 सीटें छोड़ी हैं, जिनमें तीन आरक्षित सीटें भी शामिल हैं. इन सहयोगी दलों में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, सीपीएम, असम जातीय परिषद जैसे संगठन हो सकते हैं. दूसरी सूची में तीन महिलाओं को स्थान दिया गया है, जो पार्टी की समावेशी छवि को मजबूत करता है.

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बहुमत के लिए 64 सीटों की आवश्यकता


असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं, जिनमें 9 अनुसूचित जाति व 19 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. बहुमत के लिए 64 सीटों की आवश्यकता है. कांग्रेस ने चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा से पूर्व दोनों सूचियां जारी कर सत्तारूढ़ भाजपा पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की है. भाजपा ने अभी तक कोई सूची जारी नहीं की, लेकिन पूर्व कांग्रेसी भूपेन बोरा को उतारने की अटकलें हैं.

यह भी पढ़ें: दुश्मनों का काल बनने के लिए तैयार ‘तारागिरी’, भारतीय नौसेना की ताकत में एक और इजाफा

कांग्रेस और बीजेपी में कड़ी टक्कर


विपक्षी गठबंधन की राजनीति में कांग्रेस ने सहयोगियों के हितों का ध्यान रखा है. असम समेत पांच राज्यों के चुनाव इसी महीने घोषित होने की संभावना है. गौरव गोगोई के नेतृत्व में पार्टी पूर्वोत्तर में अपनी खोई जमीन वापस पाने को बेताब है. भाजपा-नेतृत्व वाले एनडीए ने भी सीट बंटवारे पर सहमति बना ली है. कांग्रेस का यह कदम चुनावी माहौल को गर्म करने वाला है. राज्य में विकास, बेरोजगारी व जातीय मुद्दे प्रमुख रहेंगे. दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी ताकत आजमा रहे हैं.

First published on: Mar 14, 2026 11:27 PM

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