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Budget 2024: बजट में मालदीव को करारा झटका, जानें भारत को ‘आंख’ द‍िखाने वाले का कितना हुआ नुकसान

Budget 2024 Maldives: 2023-24 में मालदीव के लिए बजट में 771 करोड़ रुपये रखे गए थे। इस बार पिछले साल के मुकाबले कम रकम आवंटित की गई है।

Budget 2024 Maldives: भारत को आंख दिखने वाले मालदीव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करारा झटका दिया है। बजट 2024-2025 के लिए भारत ने अपने पड़ोसी देश मालदीव के लिए बजट में पिछले साल के मुकाबले 10 या 20 नहीं कुल करीब 171 करोड़ रुपये कम आवंटित किए हैं। जबकि लगातार दो साल से मालदीव के लिए बजट में एलोकेशन बढ़ाया जा रहा था।

अन्य देशों का बजट किस चीज पर होता है खर्च

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार 2024-25 में मालदीव के लिए 600 करोड़ रुपये बजट का अनुमान रखा गया है। दरअसल, किसी भी देश के लिए बजट में हुए एलोकेशन की रकम उसके साथ किए आयात-निर्यात पर खर्चा होती है। व्यवसायिक लेन-देन के अलावा अन्य देशों के साथ सैन्य तकनीक के अदान-प्रदान पर भी यह रकम व्यय करते हैं। इससे पहले ही इंडिया से मालदीव जाने वाले पर्यटकों की संख्या कम हुई है।

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साल दर साल बढ़ रहा था बजट, इस साल हुआ कम

खास बात यह है कि 2023-24 में मालदीव के लिए बजट में 771 करोड़ रुपये रखे गए थे। यह संशोधित रकम थी। सरकार ने इसे बढ़ाकर 771 करोड़ किया था। जबकि फरवरी 2023 में पेश की गई अनुमादित राशि 400 करोड़ रुपये रखी गई थी। इतना ही नहीं थोड़ा और पीछे जाकर देखें तो साल 2022-23 के बजट में भारत सरकार ने मालदीव के बीच रिश्ते मजबूत करने के लिए 183 करोड़ रुपये रखे थे। ऐसे में मालदीव के लिए बजट में लगातार बढ़ रही रकम का इस बार कम होना उसके लिए भारत से रिश्ते कमजोर होने का संकेत देता है।

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यह हुआ था विवाद

जनवरी के पहले सप्ताह में पीएम मोदी लक्षद्वीप गए थे। इस दौरान उन्होंने वहां की कुछ फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थी। पीएम ने फोटो के साथ लोगों को लक्षद्वीप आने का आग्रह किया था। इस पर लक्षद्वीप के तीन उपमंत्रियों ने सोशल मीडिया पर इसके बारे में अभ्रद भाषा में कमेंट किया और अपने देश मालदीव के सामने लक्षद्वीप को कम बताया था। जिसके बाद इंडिया के राजनेता, अभिनेता समेत आम लोगों ने सोशल मीडिया पर लक्षद्वीप के समर्थन में जमकर कमेट किए। बताया गया बड़ी संख्या में मालदीव जाने वाले लोगों ने अपनी यात्रा इस घटना के बाद कैंसिल कर दी थी।

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ये भी पढ़ें: बजट में किसानों की ‘भरी’ झोली, पिछले साल से ‘नीली क्रांति’ के अधिक हुआ आवंटन

First published on: Feb 01, 2024 02:09 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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