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‘ये एक ऐतिहासिक क्षण है…’, 18वें ब्रिक्स सम्मेलन का पीएम मोदी ने किया शुभारंभ, कही ये बड़ी बातें

भारत मंडपम में हो रहे ब्रिक्स समिट में प्रधानमंत्री ने सभी विदेशी नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले 20 सालों में ब्रिक्स ने ग्लोबल मंच पर अपनी पहचान बनाई है.

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शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने 18वें ब्रिक्स सम्मेलन का शुभारंभ किया. भारत मंडपम में हो रहे ब्रिक्स समिट में प्रधानमंत्री ने सभी विदेशी नेताओं का स्वागत करते हुए कहा, ”पिछले 20 सालों में ब्रिक्स ने ग्लोबल मंच पर अपनी पहचान बनाई है. हम एक दूसरे के नजरिए का सम्मान करते हैं. हम किसी के खिलाफ नहीं है, सभी को साथ आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं.” उन्होंने आगे कहा, ”सीफेरर का ग्लोबल व्यापार में बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन मुश्किल समय में उन्हें सहारे की जरूरत होती है. मेरा प्रस्ताव है कि हम सीफेरर इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बना सकते हैं. इससे मुश्किल हालात में अलर्ट, मेडिकल हेल्प, परिवार को सूचना और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे कामों में सहयोग दिया जा सकता है.”

पीएम मोदी ने आगे क्या कहा?

पीएम मोदी ने कहा- ”संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को अब और नहीं टाला जा सकता. साथ ही ब्रिक्स को मजबूत करते हुए हमें ग्लोबल रिफॉर्म की दिशा भी तय करनी होगी. ग्लोबल गवर्नेंस का वर्तमान ढांचा पिरामिड की तरह दिखाई देता है. इसके ऊपरी भाग में पावर और डिसीजन मेकिंग केंद्रित है और निचले भाग में वो देश हैं जो फैसलों से प्रभावित तो होते हैं लेकिन उन्हें आकार नहीं दे पाते. ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रॉ में है लेकिन डिसीजन मेकिंग की बैक रो में है.”

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पीएम मोदी ने दिया प्रस्ताव

पीएम मोदी ने शनिवार को दो दिवसीय वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कहा कि अलग-अलग चुनौतियों से निपटने के लिए ‘ग्लोबल साउथ’ को नियमों का पालन करने वाले के बजाय नियम तय करने वाला बनना होगा. इस सम्मेलन में यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी युद्धों के वैश्विक प्रभाव से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को बचाने पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है. पीएम मोदी ने कहा, ”आज ग्लोबल साउथ वैश्विक संकटों में पहली कतार में खड़ा है, लेकिन फैसला लेने में वो सबसे पीछे की लाइन में है. हमें इस विशेषाधिकार के पिरामिड को साझेदारी के मंच में बदलना होगा, एक ऐसा मंच जहां हर देश की आवाज हो, हर सदस्य की हिस्सेदारी हो और हर कोशिश के केंद्र में मानवता का विकास हो.” उन्होंने आगे कहा, ”इस बारे में मेरा सुझाव है कि हम एक साथ मिलकर वैश्विक शासन सुधार के लिए 10 प्रस्ताव तैयार करें, जिसका मकसद अगले शिखर सम्मेलन तक उन्हें एक ब्रिक्स सुधार रोडमैप का रूप देना हो.”

खबर अपडेट की जा रही है…

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First published on: Sep 12, 2026 03:42 PM

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