CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में बुलाने का विरोध, हैदराबाद की लॉ विवि के 450 छात्रों ने लिखा पत्र

हैदराबाद के प्रसिद्ध लॉ यूनिवर्सिटी NALSAR के 450 से अधिक छात्रों ने सीजेआई सूर्यकांत को अपने दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाने का कड़ा विरोध किया है. छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को पत्र लिखकर जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन पर सीजेआई की टिप्पणियों और पुलिस बर्बरता के वीडियो देखने से इनकार करने पर गहरी नाराजगी जताई है.

cji SURYA KANT
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हैदराबाद स्थित देश के प्रमुख कानून संस्थान ‘राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान अकादमी’ (NALSAR) विश्वविद्यालय के छात्रों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत का विरोध शुरू कर दिया है. 2026 बैच के 450 से अधिक स्नातक छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर सीजेआई को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित न करने की मांग की है. छात्रों का विरोध हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई से जुड़ा है. छात्रों के अनुसार, 23 जुलाई की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो साक्ष्य देखने से साफ इनकार कर दिया था.

‘हमारे शैक्षणिक महत्व को ठेस पहुंचेगी’

प्रशासन को लिखे पत्र में छात्रों ने स्पष्ट कहा कि मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणियां युवाओं और छात्रों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाती हैं. छात्रों ने लिखा, “युवाओं के प्रति ऐसी असंवेदनशील टिप्पणी करने वाले मुख्य न्यायाधीश से डिग्रियां प्राप्त करना हमें स्वीकार्य नहीं है. हमारे लिए इस डिग्री का शैक्षणिक और भावनात्मक महत्व बहुत अधिक है.”

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छात्रों ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनकी आपत्ति मुख्य न्यायाधीश के पद या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि हाल ही में सामने आए उनके उस रुख को लेकर है जो विश्वविद्यालय के मूल्यों से मेल नहीं खाता. छात्रों का कहना है कि NALSAR हमेशा से संवैधानिक अधिकारों, न्याय तक सभी की पहुंच और तर्कसंगत समाधान के सिद्धांतों के लिए जाना जाता है. ऐसे में हालिया मामलों में पुलिस कार्रवाई और नागरिकों के अधिकारों की उपेक्षा जैसे आरोपों के बीच CJI से डिग्री प्राप्त करना उनके द्वारा पढ़े गए मूल्यों के विपरीत होगा.

प्रशासन से पुनर्विचार की मांग

छात्रों का तर्क है कि मौजूदा परिस्थितियों में मुख्य न्यायाधीश को आमंत्रित करना संवैधानिक जवाबदेही और शैक्षणिक स्वतंत्रता के खिलाफ जाएगा. उन्होंने मांग की है कि औपचारिक निमंत्रण भेजने से पहले प्रशासन को स्नातक होने वाले छात्रों से सलाह-मशविरा करना चाहिए. छात्रों ने पत्र के अंत में लिखा कि प्रशासन इसे केवल एक बैच की नहीं, बल्कि सभी छात्रों की साझा चिंता के रूप में देखे. दीक्षांत समारोह की तारीख और मुख्य अतिथि का नाम अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुआ है, लेकिन छात्रों ने फैसला होने से पहले ही अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है.
हस्ताक्षर करने वाले छात्रों ने सोमवार तक विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा है और बातचीत की इच्छा जताई है. फिलहाल, NALSAR विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों की इस आपत्ति पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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टाटा इंस्टीट्यूट ने कैंसल किया था दीक्षांत समारोह

इससे पहले टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने 2 अगस्त को होने वाले अपने 86वें दीक्षांत समारोह को अचानक टाल दिया था. छात्रों को भेजे गए एक आधिकारिक संदेश में TISS प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर इस फैसले को मुख्य न्यायाधीश की यात्रा या किसी विरोध प्रदर्शन से सीधे तौर पर नहीं जोड़ा था. वहीं, मामले से जुड़े अधिकारियों और छात्रों के अनुसार, आशंका थी कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन से जुड़े संभावित विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में बाधा डाल सकते हैं. दरअसल, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की उम्मीद थी, जिसको लेकर विरोध की सुगबुगाहट थी.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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