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क्या भारत के खिलाफ साजिश कर रहा था US का भाड़े का सैनिक वैनडाइक? गिरफ्तारी के बाद खुलासा

भारत में एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक उच्च स्तरीय जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को NIA ने भारत विरोधी साजिश और म्यांमार में उग्रवादी समूहों को ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Mar 18, 2026 22:42
US Mercenary Matthew VanDyke
Credit: Social Media

भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा करते हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को गिरफ्तार किया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें उसके साथ छह यूक्रेनी नागरिक भी पकड़े गए हैं. एजेंसी के अनुसार, उन्हें भारत के खिलाफ साजिश के कई बड़े सुराग मिले हैं. जांच में सामने आया है कि मैथ्यू वैनडाइक और उसके साथियों ने भारत के नॉर्थ ईस्ट इलाकों को निशाना बनाते हुए एक नेटवर्क तैयार किया था. आरोप है कि ये लोग म्यांमार में एक्टिव हथियारबंद ग्रुप्स को ट्रेनिंग दे रहे थे और ड्रोन ऑपरेशन के जरिए हमलों की तैयारी कर रहे थे.

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क्या था प्लान?

NIA के मुताबिक, ये सभी विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, फिर असम और मिजोरम होते हुए अवैध तरीके से म्यांमार सीमा पार कर गए. वहां उन्होंने ऐसे गुप्स से संपर्क किया जिनके भारत में सक्रिय उग्रवादी संगठनों से कनेक्शन बताए जा रहे हैं. जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए यूरोप से ड्रोन और बाकी हथियार मंगवाए गए, जिन्हें म्यांमार के रास्ते भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की प्लान था. इस मामले में सभी आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया गया है. मैथ्यू वैनडाइक कोई आम व्यक्ति नहीं है. वो खुद को डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और सिक्योरिटी एनालिस्ट बताता है, लेकिन उसका नाम पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय युद्ध क्षेत्रों में सामने आ चुका है. लीबिया, सीरिया और यूक्रेन जैसे संघर्षों में उसकी मौजूदगी रही है, जिससे उसकी भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं.

मामले की जांच में जुटी NIA

बताया जा रहा है कि उसने ‘Sons of Liberty International’ नाम की संस्था भी बनाई थी, जो अलग-अलग देशों में आर्म्ड ग्रुप्स को ट्रेनिंग देने का काम करती है. दिल्ली की एक विशेष NIA अदालत ने सभी आरोपियों को 11 दिन की हिरासत में भेज दिया है. इस दौरान एजेंसी उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, फंडिंग और भारत विरोधी गतिविधियों के पीछे के मकसद का पता लगाएगी. ये मामला भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इसमें विदेशी नागरिकों की भूमिका और सीमा पार आतंक गतिविधियों का बड़ा नेटवर्क सामने आया है. जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं.

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First published on: Mar 18, 2026 10:42 PM

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