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अमरनाथ यात्रा के लिए 670 कंपनियां तैनात, क्या होती है ओपनिंग पार्टी? जो संभालेंगी सुरक्षा

Amarnath Yatra Security Road Opening Party: अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर सुरक्षा बलों ने अब तक की सबसे बड़ी तैनाती की है, जहां 670 कंपनियों के साथ चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी. बालटाल और पहलगाम जैसे संवेदनशील रास्तों पर सुरक्षा का थ्री-टियर (तीन चक्र) सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. वहीं भक्तों की सुविधा के लिए इस बार तवी रिवर फ्रंट पर ही मेडिकल से लेकर रजिस्ट्रेशन तक की सारी सुविधाएं एक छत के नीचे मिलेंगी.

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Amarnath Yatra Security Road Opening Party: बाबा बर्फानी के दर्शन की आस लगाए बैठे अमरनाथ यात्रियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है. साल 2026 की अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए इस बार सुरक्षा बलों ने अब तक के सबसे कड़े और बड़े इंतजाम किए हैं. आतंकी खतरों के अंदेशे को देखते हुए इस साल अर्धसैनिक बलों की रिकॉर्ड 670 कंपनियां तैनात की जा रही हैं. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बल मिलकर काम करेंगे.

संवेदनशील रास्तों पर थ्री-टियर सुरक्षा और ड्रोन से निगरानी

यात्रा के दो सबसे मुख्य और संवेदनशील रास्तों—बालटाल और पहलगाम में सुरक्षा का ‘थ्री-टियर’ (तीन चक्र) का अभेद्य घेरा तैयार किया गया है. बालटाल और नुनवान बेस कैंप, जम्मू का यात्री निवास, जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे और पठानकोट-जम्मू हाईवे समेत सभी मुख्य रास्तों पर अर्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च शुरू हो चुका है. आसमान से ड्रोन के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. पल-पल की मॉनिटरिंग के लिए अलग से हाईटेक कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं जो 24 घंटे काम करेंगे.

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क्या होती है रोड ओपनिंग पार्टी (ROP)?

इस बार यात्रा मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ (ROP) के तौर पर एक पूरी बटालियन को अलग से जिम्मेदारी दी गई है. दरअसल, रोड ओपनिंग पार्टी सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की वह खास टुकड़ी होती है, जो किसी भी काफिले या वीआईपी के गुजरने से पहले पूरे सड़क मार्ग की बारीकी से जांच करती है. इस काम में खोजी कुत्तों (स्वान दस्ते) की भी मदद ली जाती है, ताकि रास्ते में कोई विस्फोटक या बारूद न छिपा हो. श्रीनगर से अमरनाथ तक के करीब 320 किलोमीटर के पूरे दायरे में रेलवे कॉरिडोर और हाईवे पर रूटीन गश्त बढ़ा दी गई है. सेना को बैकअप के तौर पर तैयार रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति या तबीयत खराब होने पर यात्रियों को एयरलिफ्ट करने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर तैनात रहेंगे.

भक्तों के लिए आसान हुआ रजिस्ट्रेशन

साल 2022 में बादल फटने जैसी दुखद घटना से सबक लेते हुए इस बार एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), भारतीय सेना, आईटीबीपी (ITBP) और सीआरपीएफ (CRPF) की विशेष टीमों को आपदा प्रबंधन के लिए अलर्ट पर रखा गया है. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भगवती नगर यात्री निवास में 3 हजार लोगों की व्यवस्था की गई है, जिसे 30 जून 2026 को खोल दिया जाएगा. सबसे अच्छी बात यह है कि इस बार रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों को रजिस्ट्रेशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. ‘तवी रिवर फ्रंट’ पर एक ही जगह (सिंगल विंडो) पर मेडिकल जांच, टोकन, प्रमाण पत्र और पंजीकरण की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

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First published on: Jun 24, 2026 03:37 PM

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