Poonch Bear Attack: जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले से एक बेहद चिंताजनक और डरावनी खबर सामने आ रही है. पिछले कुछ हफ्तों के भीतर इस पहाड़ी जिले में जंगली भालू के हमलों की घटनाओं में भारी वृद्धि दर्ज की गई है. विशेषकर मंडी तहसील और भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LoC) पर स्थित सावजियां क्षेत्र के गांवों में भालुओं ने आतंक मचा रखा है. इन हिंसक हमलों में अब तक करीब 16 स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जिनमें मासूम बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं. इन सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और पुंछ के राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ताजा घटना सावजियां क्षेत्र के गांव सुंदरी की है, जहां शाम के समय एक ग्रामीण पर भालू ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिससे पूरे इलाके के लोग बेहद सहमे हुए हैं.
पिछले दो हफ्तों में कई गांवों पर हुआ हमला
पुंछ के अलग-अलग गांवों से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक भालू इंसानों के साथ-साथ अब मवेशियों को भी अपना निशाना बना रहे हैं. अकेले सावजियां के सुंदरी इलाके में पिछले दो हफ्तों के भीतर भालू के हमले की यह चौथी बड़ी घटना थी, जिसमें एक व्यक्ति के साथ ही 6 मवेशी भी बुरी तरह जख्मी हुए हैं. इसके अलावा मंडी तहसील के अड़ाई गांव में अपने घर के बाहर दैनिक काम कर रही एक महिला पर झाड़ियों से निकलकर भालू ने हमला कर दिया था. ऐसी ही गंभीर घटनाएं बीडर और छंबर क्षेत्रों में भी देखने को मिली हैं, जहां अलग-अलग हमलों में तीन महिलाएं गंभीर रूप से जख्मी हुई हैं. ऊंचाई पर स्थित चरागाह क्षेत्र धोक जंगवाला में भी एक 68 वर्षीय बुजुर्ग को झाड़ियों में छिपे भालू ने अपना शिकार बनाया, जिससे साफ है कि यह खतरा हर तरफ फैल चुका है.
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वाइल्डलाइफ विभाग ने शुरू किया विशेष बचाव अभियान
भालू के बढ़ते खतरों और ग्रामीणों के भारी गुस्से को देखते हुए वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट (वन्यजीव विभाग) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है. विभाग ने पुंछ जिले के सभी संवेदनशील और प्रभावित गांवों में एक विशेष रेस्क्यू अभियान की शुरुआत की है. इसके तहत वन्यजीव विभाग की विशेष टीमें प्रभावित इलाकों में मुस्तैदी से भालुओं की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि उन्हें सुरक्षित रूप से पकड़कर वापस गहरे जंगलों में खदेड़ा जा सके. प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए सुरक्षा सलाह जारी की जा रही है और आत्मरक्षा के लिए ग्रामीणों के बीच पटाखे भी बांटे जा रहे हैं. अधिकारियों ने सभी निवासियों से बेहद सतर्क रहने, अकेले जंगलों की तरफ न जाने और भालू दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने की कड़ी अपील की है.
Poonch Bear Attack: जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले से एक बेहद चिंताजनक और डरावनी खबर सामने आ रही है. पिछले कुछ हफ्तों के भीतर इस पहाड़ी जिले में जंगली भालू के हमलों की घटनाओं में भारी वृद्धि दर्ज की गई है. विशेषकर मंडी तहसील और भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LoC) पर स्थित सावजियां क्षेत्र के गांवों में भालुओं ने आतंक मचा रखा है. इन हिंसक हमलों में अब तक करीब 16 स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जिनमें मासूम बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं. इन सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और पुंछ के राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ताजा घटना सावजियां क्षेत्र के गांव सुंदरी की है, जहां शाम के समय एक ग्रामीण पर भालू ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिससे पूरे इलाके के लोग बेहद सहमे हुए हैं.
पिछले दो हफ्तों में कई गांवों पर हुआ हमला
पुंछ के अलग-अलग गांवों से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक भालू इंसानों के साथ-साथ अब मवेशियों को भी अपना निशाना बना रहे हैं. अकेले सावजियां के सुंदरी इलाके में पिछले दो हफ्तों के भीतर भालू के हमले की यह चौथी बड़ी घटना थी, जिसमें एक व्यक्ति के साथ ही 6 मवेशी भी बुरी तरह जख्मी हुए हैं. इसके अलावा मंडी तहसील के अड़ाई गांव में अपने घर के बाहर दैनिक काम कर रही एक महिला पर झाड़ियों से निकलकर भालू ने हमला कर दिया था. ऐसी ही गंभीर घटनाएं बीडर और छंबर क्षेत्रों में भी देखने को मिली हैं, जहां अलग-अलग हमलों में तीन महिलाएं गंभीर रूप से जख्मी हुई हैं. ऊंचाई पर स्थित चरागाह क्षेत्र धोक जंगवाला में भी एक 68 वर्षीय बुजुर्ग को झाड़ियों में छिपे भालू ने अपना शिकार बनाया, जिससे साफ है कि यह खतरा हर तरफ फैल चुका है.
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वाइल्डलाइफ विभाग ने शुरू किया विशेष बचाव अभियान
भालू के बढ़ते खतरों और ग्रामीणों के भारी गुस्से को देखते हुए वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट (वन्यजीव विभाग) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है. विभाग ने पुंछ जिले के सभी संवेदनशील और प्रभावित गांवों में एक विशेष रेस्क्यू अभियान की शुरुआत की है. इसके तहत वन्यजीव विभाग की विशेष टीमें प्रभावित इलाकों में मुस्तैदी से भालुओं की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि उन्हें सुरक्षित रूप से पकड़कर वापस गहरे जंगलों में खदेड़ा जा सके. प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए सुरक्षा सलाह जारी की जा रही है और आत्मरक्षा के लिए ग्रामीणों के बीच पटाखे भी बांटे जा रहे हैं. अधिकारियों ने सभी निवासियों से बेहद सतर्क रहने, अकेले जंगलों की तरफ न जाने और भालू दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने की कड़ी अपील की है.