Nitin Gadkari on Flying Bus: "मैं आने वाले समय में कई नई टेक्नोलॉजी लाने वाला हूं. मैं देश में रोपवे और केबल कार लेकर आया हूं. पानी में उतरने वाला हवाई जहाज भी मैं ही लाया था और उसमें खुद बैठकर समुद्र में उतरा था. अब मैं हवा में उड़ने वाली बस लाने की तैयारी कर रहा हूं." यह दावा केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के भव्य उद्घाटन कार्यक्रम में किया. 4,200 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के मौके पर नितिन गडकरी के साथ देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे.
"एक कोने से दूसरे कोने कब पहुंचेंगे, पता नहीं चलेगा"
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने स्पष्ट किया कि फ्लाइंग बस प्रोजेक्ट उनके मंत्रालय के तहत आने वाले इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हिस्सा होगा. इसके जरिए हवा में तैरती हुई बसें या केबल-पॉड प्रणालियां शहरों के भीतर यात्रा के समय को 80% तक कम कर देंगी. उदाहरण के तौर पर, लखनऊ से कानपुर के बीच की दूरी जो पहले 3 घंटे में तय होती थी, वह नए एक्सप्रेसवे से घटकर सिर्फ 40 मिनट रह गई है. फ्लाइंग बस आने के बाद शहर के भीतरी ट्रैफिक की गति भी कई गुना बढ़ जाएगी.
E20 पेट्रोल और इथेनॉल पर विवाद पर भी दिया जवाब
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर चल रहे विवाद पर भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने देश के सामने आंकड़े रखते हुए कहा कि भारत हर साल लगभग ₹22 लाख करोड़ का ईंधन आयात करता है. उन्होंने विपक्ष और आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा, "क्या देश में ऐसी एक भी कार है जिसे E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कोई नुकसान पहुंचा हो? कुछ लोग जानबूझकर इसके खिलाफ झूठे अभियान चला रहे हैं."
Nitin Gadkari on Flying Bus: “मैं आने वाले समय में कई नई टेक्नोलॉजी लाने वाला हूं. मैं देश में रोपवे और केबल कार लेकर आया हूं. पानी में उतरने वाला हवाई जहाज भी मैं ही लाया था और उसमें खुद बैठकर समुद्र में उतरा था. अब मैं हवा में उड़ने वाली बस लाने की तैयारी कर रहा हूं.” यह दावा केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के भव्य उद्घाटन कार्यक्रम में किया. 4,200 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के मौके पर नितिन गडकरी के साथ देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे.
“एक कोने से दूसरे कोने कब पहुंचेंगे, पता नहीं चलेगा”
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने स्पष्ट किया कि फ्लाइंग बस प्रोजेक्ट उनके मंत्रालय के तहत आने वाले इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हिस्सा होगा. इसके जरिए हवा में तैरती हुई बसें या केबल-पॉड प्रणालियां शहरों के भीतर यात्रा के समय को 80% तक कम कर देंगी. उदाहरण के तौर पर, लखनऊ से कानपुर के बीच की दूरी जो पहले 3 घंटे में तय होती थी, वह नए एक्सप्रेसवे से घटकर सिर्फ 40 मिनट रह गई है. फ्लाइंग बस आने के बाद शहर के भीतरी ट्रैफिक की गति भी कई गुना बढ़ जाएगी.
E20 पेट्रोल और इथेनॉल पर विवाद पर भी दिया जवाब
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर चल रहे विवाद पर भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने देश के सामने आंकड़े रखते हुए कहा कि भारत हर साल लगभग ₹22 लाख करोड़ का ईंधन आयात करता है. उन्होंने विपक्ष और आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा, “क्या देश में ऐसी एक भी कार है जिसे E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कोई नुकसान पहुंचा हो? कुछ लोग जानबूझकर इसके खिलाफ झूठे अभियान चला रहे हैं.”