अग्निवीर योजना को लागू हुए 4 साल पूरे होने वाले हैं. अब सेना के सामने सबसे बड़ी चुनौती इनके परमानेंट करने को लेकर है. स्कीम लागू होने के वक्त यह घोषणा की गई थी कि 25 फीसदी अग्निवीरों को परमानेंट कर दिया जाएगा. अभी सेना इसको लेकर पशोपेश में है, वहीं अग्निवीरों को लेकर भर्ती प्रोसेस में कुछ और बदलाव किए गए हैं.
पहले जो युवा अग्निवीर बनना चाहते है, उनके लिए भर्ती फॉर्म में ही साफ हिदायत दी गई है कि वे अविवाहित होंगे. ट्रेनिंग के दौरान भी विवाह नहीं कर सकते. अगर यह सच्चाई छुपाई गई तो उनको ट्रेनिंग कैंप से निकालने के साथ ही सेना के जो रुपये ट्रेनिंग पर खर्च हुए हैं उनसे वसूला जाएंगे.
सेना भवन में कार्यरत एक कर्नल ने बताया कहा कि अग्निवीरो के विवाह का मुद्दा इसलिए उठा है, क्योंकि बिहार के बेगूसराय के रहने वाले एक अग्निवीर ने ट्रेनिंग के दौरान शादी कर ली. गुप्त सूत्रों से जब इसकी जानकारी सेना को मिली है तो सेना ने एक्शन लेने की तैयारी कर ली है. साथ ही 2026 में होने वाली अग्निवीर रैली के लिए सख्त नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.
नोटिफिकेशन के मुताबिक, आवेदन की प्रक्रिया बदलने के साथ ही विवाह को लेकर भी सख्त नियम बनाये गए हैं. यानी पहले अगर विवाहित होने की खबर मिलती थी तो नियम यह था कि जॉब से हटाने के साथ ही सभी सुविधा से भी वंचित कर दिया जाता था. लेकिन अब इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाया जा सकता है, यानी किसी भी तरह की सच्चाई छुपाने पर सीधा जेल जाना पड़ सकता है.
अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया का दूसरा सबसे बड़ा बदलाव डिपार्टमेंट को लेकर हुआ है. पहले उम्मीदवारों को भर्ती के बाद ट्रेड मिलती थी, लेकिन अब आवेदन फॉर्म भरते समय ही अपनी ट्रेड चुनने की आजादी होगी.