कैंसर एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है, जिससे बचना बेहद जरूरी भी है. इस बीमारी के लास्ट स्टेज पर पहुंच जाने पर किसी का बचना काफी हद तक नामुमकिन हो जाता है. लेकिन इस स्टोरी में हम एक ऐसे साइलेंट किलर (Silent Killer) कैंसर (Cancer) के बारे में बात करेंगे, जिसके कारण हर 8 मिनट पर लोगों की जान जा रही है. साथ ही हम आपको इसके लक्षण और यह समस्या आपको न हो इससे बचाव के भी कुछ उपाय बताएंगे.
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किस कैंसर के कारण हर 8 मिनट पर लोगों की जान जा रही है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस खतरनाक कैंसर का नाम सर्वाइकल कैंसर (Cervical cancer) है. इस कैंसर को लेकर माना जाता है कि ये सिर्फ उम्रदराज महिलाओं को ही होता है, लेकिन पिछले कई सालों से सामने आ रहे मामलों में देखा जा रहा है कि कम उम्र की महिलाएं भी इस गंभीर समस्या का शिकार हो रही हैं. रिपोर्ट्स बताते हैं कि डॉक्टरों का मानना है कि इस कैंसर के कारण हर आठ मिनट में एक महिला की मौत होती है. यह आंकड़ा बहुत चिंताजनक है.
किस वजह से तेजी से फैल रहा है ये कैंसर?
सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी वजह एचपीवी (HPV) वायरस है, खासकर इसके हाई-रिस्क स्ट्रेन्स जैसे टाइप 16 और 18. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह वायरस सेक्स के जरिए फैलता है और साथ ही ये लगभग 200 टाइप यानी प्रकार का होता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लगभग 95 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामले लंबे समय तक एचपीवी इंफेक्शन के कारण होते हैं.
किन महिलाओं को हैं सबसे ज्यादा सर्वाइकल कैंसर से खतरा?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस कैंसर से उन महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा है, जो कम उम्र में सेक्सुअल एक्टिव हो जाती हैं, जिनकी प्यूबर्टी जल्दी आती है या जिनकी मेनोपॉज देर से होती है. इसी के साथ जिनके मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर्स हैं या जिनका हाई पेरेंटिटी, यानी कई बार बच्चा जन्म देने का इतिहास है, उनके लिए भी खतरा बढ़ जाता है.
खराब जीवनशैली भी एक बड़ा खतरा
इन सबके अलावा खराब जीवनशैली भी इस तरह के खतरे को जन्म दे सकती है. स्मोकिंग, शराब का सेवन, लंबे समय तक ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का इस्तेमाल या कोई इम्यून सिस्टम कमजोर करने वाली बीमारी जैसे एचआईवी (HIV) भी सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकती है.
दिखने लगे ये लक्षण, तो हो जाए सावधान
बात करें सर्वाइकल कैंसर की लक्षणों की तो इसमें एबनॉर्मल वजाइनल ब्लीडिंग यानी असामान्य योनि से खून आना इस बीमारी का एक अहम संकेत हो सकता है. यह ब्लीडिंग सेक्स के बाद, पीरियड्स के बीच या मेनोपॉज के बाद भी हो सकती है. इसके अलावा बदबूदार और पानी जैसा डिस्चार्ज होना भी एक लक्षण है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. बीमारी बढ़ने पर बिना वजह वजन कम होना, पीठ या कमर में दर्द, पेशाब करने में दिक्कत और कब्ज जैसी समस्याएं भी दिखाई दे सकती हैं.
कैसे करें इस कैंसर से बचाव?
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एक्टिव स्क्रीनिंग बहुत जरूरी है. पैप स्मीयर टेस्ट से शुरुआती बदलावों का समय रहते पता चल जाता है. अगर इस जांच में कोई गड़बड़ी दिखती है, तो आगे कोलपोस्कोपी (Colposcopy) या सर्वाइकल बायोप्सी (Cervical Biopsy) जैसी जांच की जाती है. इसके अलावा एचपीवी वैक्सीन संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर दोनों से बचाव में मदद करती है, इसलिए डॉक्टर युवा और मध्यम उम्र की महिलाओं को इसे लगवाने की सलाह देते हैं.
यह भी पढ़ें: High Blood Pressure से हैं परेशान? ये 4 नेचुरल तरीके बिना दवा के कर सकते हैं आपका BP कंट्रोल
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
कैंसर एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है, जिससे बचना बेहद जरूरी भी है. इस बीमारी के लास्ट स्टेज पर पहुंच जाने पर किसी का बचना काफी हद तक नामुमकिन हो जाता है. लेकिन इस स्टोरी में हम एक ऐसे साइलेंट किलर (Silent Killer) कैंसर (Cancer) के बारे में बात करेंगे, जिसके कारण हर 8 मिनट पर लोगों की जान जा रही है. साथ ही हम आपको इसके लक्षण और यह समस्या आपको न हो इससे बचाव के भी कुछ उपाय बताएंगे.
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किस कैंसर के कारण हर 8 मिनट पर लोगों की जान जा रही है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस खतरनाक कैंसर का नाम सर्वाइकल कैंसर (Cervical cancer) है. इस कैंसर को लेकर माना जाता है कि ये सिर्फ उम्रदराज महिलाओं को ही होता है, लेकिन पिछले कई सालों से सामने आ रहे मामलों में देखा जा रहा है कि कम उम्र की महिलाएं भी इस गंभीर समस्या का शिकार हो रही हैं. रिपोर्ट्स बताते हैं कि डॉक्टरों का मानना है कि इस कैंसर के कारण हर आठ मिनट में एक महिला की मौत होती है. यह आंकड़ा बहुत चिंताजनक है.
किस वजह से तेजी से फैल रहा है ये कैंसर?
सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी वजह एचपीवी (HPV) वायरस है, खासकर इसके हाई-रिस्क स्ट्रेन्स जैसे टाइप 16 और 18. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह वायरस सेक्स के जरिए फैलता है और साथ ही ये लगभग 200 टाइप यानी प्रकार का होता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लगभग 95 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामले लंबे समय तक एचपीवी इंफेक्शन के कारण होते हैं.
किन महिलाओं को हैं सबसे ज्यादा सर्वाइकल कैंसर से खतरा?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस कैंसर से उन महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा है, जो कम उम्र में सेक्सुअल एक्टिव हो जाती हैं, जिनकी प्यूबर्टी जल्दी आती है या जिनकी मेनोपॉज देर से होती है. इसी के साथ जिनके मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर्स हैं या जिनका हाई पेरेंटिटी, यानी कई बार बच्चा जन्म देने का इतिहास है, उनके लिए भी खतरा बढ़ जाता है.
खराब जीवनशैली भी एक बड़ा खतरा
इन सबके अलावा खराब जीवनशैली भी इस तरह के खतरे को जन्म दे सकती है. स्मोकिंग, शराब का सेवन, लंबे समय तक ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का इस्तेमाल या कोई इम्यून सिस्टम कमजोर करने वाली बीमारी जैसे एचआईवी (HIV) भी सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकती है.
दिखने लगे ये लक्षण, तो हो जाए सावधान
बात करें सर्वाइकल कैंसर की लक्षणों की तो इसमें एबनॉर्मल वजाइनल ब्लीडिंग यानी असामान्य योनि से खून आना इस बीमारी का एक अहम संकेत हो सकता है. यह ब्लीडिंग सेक्स के बाद, पीरियड्स के बीच या मेनोपॉज के बाद भी हो सकती है. इसके अलावा बदबूदार और पानी जैसा डिस्चार्ज होना भी एक लक्षण है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. बीमारी बढ़ने पर बिना वजह वजन कम होना, पीठ या कमर में दर्द, पेशाब करने में दिक्कत और कब्ज जैसी समस्याएं भी दिखाई दे सकती हैं.
कैसे करें इस कैंसर से बचाव?
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एक्टिव स्क्रीनिंग बहुत जरूरी है. पैप स्मीयर टेस्ट से शुरुआती बदलावों का समय रहते पता चल जाता है. अगर इस जांच में कोई गड़बड़ी दिखती है, तो आगे कोलपोस्कोपी (Colposcopy) या सर्वाइकल बायोप्सी (Cervical Biopsy) जैसी जांच की जाती है. इसके अलावा एचपीवी वैक्सीन संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर दोनों से बचाव में मदद करती है, इसलिए डॉक्टर युवा और मध्यम उम्र की महिलाओं को इसे लगवाने की सलाह देते हैं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.