क्या कच्चा पपीता खाना अच्छा है? डाइटीशियन ने बताया हरा पपीता खाने पर क्या होता है

Kachcha Papita Khane Ke Fayde: पका पपीता ही नहीं बल्कि कच्चा पपीता भी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. यहां जानिए कच्चा पपीता खाने पर सेहत पर कैसा असर होता है.

Raw Papaya Benefits

खाली पेट कच्चा पपीता खाने के क्या फायदे हैं?

Raw Papaya Benefits: डाइट में अक्सर ही लोग पका पपीता शामिल करते हैं. बाजार से खरीदकर भी पका पपीता ही लाया जाता है. लेकिन, पके पपीते की ही तरह कच्चा पपीता भी सेहत के लिए फायदेमंद होता है. कच्चा पपीता खाने पर शरीर को विटामिन ए, सी और ई मिलता है. यह इम्यूनिटी को बूस्ट करता है. इससे एंटी-ऑक्सीडेंट्स ही नहीं बल्कि एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी मिलते हैं. डाइटीशियन श्वेता पांचाल का भी यही मानना है. डाइटीशियन श्वेता पांचाल ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वे बता रही हैं कि कच्चा पपीता (Kachcha Papita) खाने पर शरीर पर कैसा असर होता है.

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कच्चा पपीता खाने के क्या फायदे हैं

डाइटीशियन का कहना है कि कच्चा पपीता खाने पर पाचन बेहतर होता है, ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या ठीक होती है और यह लिवर डिटॉक्स में काफी हद तक सपोर्ट करता है. कच्चा पपीता ब्लड शुगर स्टेबलाइज करने में भी फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है. इसके अलावा, एस्ट्रोजन क्लियरेंस में भी कच्चा पपीता मदद करता है. डाइटीशियन के अनुसार, हार्मोनल बैलेंस के लिए कच्चा पपीता कमाल का साबित होता है.

ऐसे में कच्चा पपीता खाने पर खासतौर से गट हेल्थ बेहतर होती है, PCOS और PCOD मैनेज होता है, डायबिटीज में फायदा मिलता है और कॉलेस्ट्रोल लेवल्स कम होने में भी मदद मिलती है.

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डाइट में कैसे शामिल करें कच्चा पपीता – कच्चे पपीता को सलाद, सूप और चटनी बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे पैन में डालकर हल्का सा पकाकर भी खाया जा सकता है.

डाइटीशियन का कहना है कि कच्चा पपीता फायदेमंद है इसका यह मतलब नहीं है कि पका हुआ पपीता फायदेमंद नहीं है. अगर आप मेटाबॉलिक हेल्थ बेहतर करना चाहते हैं तो कच्चा पपीता ज्यादा फायदेमंद साबित होता है.

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कब्ज में कौन सा पपीता फायदेमंद है

कब्ज (Constipation) को दूर करने के लिए कच्चे पपीते के मुकाबले पका पपीता ज्यादा फायदेमंद होता है. पका पपीता पपैन एंजाइम से भरपूर होता है. यह प्रोटीन्स को ब्रेक करता है और रेग्यूलर बाउल मूवमेंट्स को प्रोमोट करता है. ऐसे में खाली पेट पपीता खाने पर कब्ज की दिक्कत दूर होती है और मल पतला होने में मदद मिलती है. इससे मलत्याग करने में आसानी होती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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