Probiotic And Prebiotic Foods: पेट की सेहत को अच्छा रखने के लिए या शरीर को दुरुस्त रखने के लिए अक्सर ही प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक फूड्स जिक्र किया जाता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स असल में होते क्या हैं? डर्मेटोलॉजिस्ट और ट्राइकोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र निकुंभ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स क्या होते हैं, इनकी शरीर को क्यों जरूरत होती है और इन्हें नेचुरली (Probiotic Natural Sources) किन चीजों से प्राप्त किया जा सकता है. आप भी जान लीजिए डॉक्टर प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स के बारे में क्या बता रहे हैं.
प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक क्या हैं?
डॉक्टर बताते हैं कि प्रोबायोटिक्स लाइव माइक्रो-ऑर्गेनिज्म होते हैं जो पेट और गट में जाकर रहते हैं. इनका काम है आपके पेट के डाइजेस्टिव सिस्टम को एन्हैंस करना और सपोर्ट करना. ये लाइव होने के चलते सीमित समय तक ही जिंदा रहते हैं. ये गर्माहट से, पेट के एसिड से या खुद ही समय के साथ नष्ट हो जाते हैं. इन प्रोबायोटिक्स के नष्ट हो जाने की वजह से ही आपको एंटीबायोटिक्स खाने पड़ते हैं.
प्रीबायोटिक्स प्रोबायोटिक्स का खाना होते हैं. ये फाइबर होते हैं जो माइक्रो-ऑर्गेनिज्म को नरिश करते हैं. ये फाइबर होते हैं इसीलिए ये गर्माहट और पेट के एसिड्स से बचे रहते हैं और लंबे समय तक टिके रह सकते हैं.
मेडिकली प्रीबायोटिक्स का कंजंप्शन आपको रेग्यूलरी और नियमित तौर पर करना जरूरी है ताकि आपके प्रोबायोटिक्स यानी माइक्रो-ऑर्गेनिज्म लंबे समय तक जिंदा रहें और आपकी गट हेल्थ अच्छी रहे.
नेचुरली शरीर को प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स कैसे दें
लाइव ऑर्गेनिज्म होने के चलते प्रोबायोटिक्स फर्मेंटेड फूड्स में भरपूर मात्रा में मिल जाता है. फर्मेंटेंड फूड्स जैसे दही, योगर्ट, छाछ, आचार, किमची और लंबे समय तक रखे गए चीज (Cheese) से ये मिल सकते हैं.
प्रीबायोटिक्स को नेचुरली पाने के लिए हाई फाइबर फूड्स खाए जा सकते हैं. ये फाइबर से भरपूर फूड्स में मिल जाते हैं. प्याज, लहसुन, एस्परेगस, हरे केले, सेब और बेरीज में प्रीबोटिक्स होते हैं. इसके अलावा ओट्स, बार्ली और छोले से भी प्रीबायोटिक्स मिल जाते हैं.
कब खाएं प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स
जब भी आप प्रोबायोटिक्स खाते हैं तो लाइव बैक्टीरिया को नरिश करने के लिए आपको प्रीबायोटिक्स यानी हाई फाइबर फूड्स खाना जरूरी है. ये हाई फाइबर फूड्स आप रोजाना खा सकते हैं. प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स को साथ में लेने से आपकी गट हेल्थ सही रहती है और गट हेल्थ सही रहने से फुल बॉडी फंक्शन सही तरह से चलता है. जिन लोगों की गट हेल्थ खराब रहती है उन्हें खासतौर से प्रीबायोटिक्स और प्रोबायटिक्स लेने चाहिए.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.