Heart Attack Kiu Aata Hai: हार्ट अटैक या दिल का दौरा एक गंभीर और जानलेवा समस्या है, जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं. कई बार यह अचानक हो जाता है और हमें इसकी कोई चेतावनी नहीं मिलती. बता दें कि दिल तक खून पहुंचाने वाली नसें, जिन्हें आर्टरीज कहते हैं, जब वह ब्लॉक हो जाती हैं, तो दिल की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन और पोषण सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता है. इसी कारण कई लोगों को हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ जाता है. हालांकि, समय रहते हार्ट से जुड़ी तमाम जानकारी और सावधानी लेना बहुत जरूरी है, क्योंकि छोटी-छोटी लापरवाही भी हार्ट अटैक का कारण बन सकती है.
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कौन-सी नस ब्लॉक होने पर हार्ट अटैक होता है
अब आते हैं अपने मुख्य सवाल पर कि कौन-सी नस ब्लॉक होने पर हार्ट अटैक की समस्या होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक का सबसे आम कारण कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज होना है. कोरोनरी आर्टरी (Coronary Artery) वही नस है जो दिल की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन से भरपूर खून पहुंचाती है. हालांकि, किसी वजह से अगर यह ब्लॉक हो जाए, तो दिल के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और दिल का दौरा पड़ सकता है.
दूसरी नसें भी हो जाए ब्लॉक तो क्या आ जाएगा हार्ट अटैक?
बता दें कि पल्मोनरी आर्टरी, रेडियल आर्टरी या एओर्टा में ब्लॉकेज भी खतरनाक हो सकता है, लेकिन ये आमतौर पर सीधे हार्ट अटैक नहीं लाते. हालांकि, इन नसों में ब्लॉकेज होने पर दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. कभी-कभी इन नसों में जमा प्लाक टूटकर कोरोनरी आर्टरी में जा सकता है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है. इसलिए रेगुलर हेल्थ चेकअप जरूरी होता है, ताकि वक्त रहते इस तरह की स्थिति से बचा जा सके.
हार्ट अटैक के सबसे आम लक्षण
हार्ट अटैक का समय पहचानना जीवन बचाने के लिए बहुत जरूरी है. आमतौर पर लक्षण इस तरह दिखते हैं:
- सीने में तेज या दबाव जैसा दर्द होना.
- दर्द का कंधे, हाथ या जबड़े की ओर फैलना.
- सांस फूलना और थकान महसूस होना.
- ठंडा पसीना आना, चक्कर आना या बेहोशी का आना.
अगर ये लक्षण अचानक दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. थोड़ी सी भी देरी या इन लक्षण को नजरअंदाज करना बड़ी मुश्किल पैदा कर सकता है.
जीवनशैली में बदलाव बहुत जरूरी
दिल की सुरक्षा के लिए समय रहते सावधानी लेना बेहद जरूरी है. संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज, धूम्रपान से बचना और तनाव कम करना दिल की नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इसके अलावा समय-समय पर हार्ट चेकअप कराना और ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल चेक करते रहना भी जरूरी है. याद रखें कि, छोटी-छोटी सावधानियां आपको बड़े खतरे से बचा सकती हैं.
यह भी पढ़ें: 60 की उम्र में भी चेहरे पर नहीं आएंगी झुर्रियां! जानिए Skin को फिर से जवान बनाने का आसान तरीका
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Heart Attack Kiu Aata Hai: हार्ट अटैक या दिल का दौरा एक गंभीर और जानलेवा समस्या है, जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं. कई बार यह अचानक हो जाता है और हमें इसकी कोई चेतावनी नहीं मिलती. बता दें कि दिल तक खून पहुंचाने वाली नसें, जिन्हें आर्टरीज कहते हैं, जब वह ब्लॉक हो जाती हैं, तो दिल की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन और पोषण सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता है. इसी कारण कई लोगों को हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ जाता है. हालांकि, समय रहते हार्ट से जुड़ी तमाम जानकारी और सावधानी लेना बहुत जरूरी है, क्योंकि छोटी-छोटी लापरवाही भी हार्ट अटैक का कारण बन सकती है.
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कौन-सी नस ब्लॉक होने पर हार्ट अटैक होता है
अब आते हैं अपने मुख्य सवाल पर कि कौन-सी नस ब्लॉक होने पर हार्ट अटैक की समस्या होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक का सबसे आम कारण कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज होना है. कोरोनरी आर्टरी (Coronary Artery) वही नस है जो दिल की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन से भरपूर खून पहुंचाती है. हालांकि, किसी वजह से अगर यह ब्लॉक हो जाए, तो दिल के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और दिल का दौरा पड़ सकता है.
दूसरी नसें भी हो जाए ब्लॉक तो क्या आ जाएगा हार्ट अटैक?
बता दें कि पल्मोनरी आर्टरी, रेडियल आर्टरी या एओर्टा में ब्लॉकेज भी खतरनाक हो सकता है, लेकिन ये आमतौर पर सीधे हार्ट अटैक नहीं लाते. हालांकि, इन नसों में ब्लॉकेज होने पर दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. कभी-कभी इन नसों में जमा प्लाक टूटकर कोरोनरी आर्टरी में जा सकता है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है. इसलिए रेगुलर हेल्थ चेकअप जरूरी होता है, ताकि वक्त रहते इस तरह की स्थिति से बचा जा सके.
हार्ट अटैक के सबसे आम लक्षण
हार्ट अटैक का समय पहचानना जीवन बचाने के लिए बहुत जरूरी है. आमतौर पर लक्षण इस तरह दिखते हैं:
- सीने में तेज या दबाव जैसा दर्द होना.
- दर्द का कंधे, हाथ या जबड़े की ओर फैलना.
- सांस फूलना और थकान महसूस होना.
- ठंडा पसीना आना, चक्कर आना या बेहोशी का आना.
अगर ये लक्षण अचानक दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. थोड़ी सी भी देरी या इन लक्षण को नजरअंदाज करना बड़ी मुश्किल पैदा कर सकता है.
जीवनशैली में बदलाव बहुत जरूरी
दिल की सुरक्षा के लिए समय रहते सावधानी लेना बेहद जरूरी है. संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज, धूम्रपान से बचना और तनाव कम करना दिल की नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इसके अलावा समय-समय पर हार्ट चेकअप कराना और ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल चेक करते रहना भी जरूरी है. याद रखें कि, छोटी-छोटी सावधानियां आपको बड़े खतरे से बचा सकती हैं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.