बारिश का मौसम कई लोगों काफी पसंद होता है, लेकिन गर्मी से राहत के साथ-साथ इस मौसम में गंभीर बीमारियों का भी खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है. इसमें एक बड़ा मलेरिया का है, जिसके कारण हर साल कई लोगों को देश व दुनिया में मौत तक हो जाती है. अक्सर लोग इसके लक्षणों को आम वायरल फीवर समझ लेते हैं, और नजरअंदाज करते रहते हैं, लेकिन अगर मरीज को वक्त पर इलाज नहीं दिया जाए, तो स्थिति बिगड़ सकती है और मरीज की हालत गंभीर भी हो सकती है. इसलिए जानना जरूरी है कि आखिर मलेरिया के शुरुआती लक्षण कैसे दिखाई देते हैं, ताकि आप वक्त रहते इस बीमारी से राहत पा सकें?
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कैसे फैलता है मलेरिया?
अगर आप मलेरिया को कोविड जैसा समझते हैं कि वह हवा में या किसी चीज के छूने से फैल सकता है, तो आप एक दम गलत है. WHO के अनुसार, मलेरिया मुख्य रूप से संक्रमित मादा एनोफेलेस (Anopheles) मच्छरों के काटने से फैलता है. दरअसल, मच्छर इंसान को काटे दौरान खान में 'प्लास्मोडियम' (Plasmodium) नामक सूक्ष्म परजीवी (पैरासाइट) छोड़ देते हैं, जिससे व्यक्ति के अंदर ये वायरस प्रवेश कर जाता है और वह बीमार पड़ जाता है. WHO की रिपोर्ट के अनुसार, पैरासाइट की 5 प्रजातियां इंसानों में मलेरिया का कारण बनती हैं, और इनमें से 2 प्रजातियां प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम और प्लास्मोडियम वाइवैक्स सबसे बड़ा खतरा पैदा करती हैं, इसलिए मलेरिया के मच्छरों से बचाव जरूरी है.
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मलेरिया में कैसे दिखते हैं शुरुआती लक्षण?
WHO ने मलेरिया से संक्रमित मरीज में किस तरह के छोटे से लेकर गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं, इसके बारे में अपनी रिपोर्ट में बताया है. WHO की रिपोर्ट के अनुसार, संक्रमित मच्छर के काटने के 10-15 दिनों के भीतर आमतौर पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं, इसलिए नीचे दिए गए लक्षण आपको दिखाई दे रहे हैं, तो तुरंत जांच कराएं और इलाज करें.
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- मलेरिया के सबसे आम शुरुआती लक्षणों में मरीज को बुखार, सिरदर्द और ठंड लगना जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
- कुछ लोगों में लक्षण हल्के हो सकते हैं, विशेषकर उन लोगों में जिन्हें पहले मलेरिया का संक्रमण हो चुका है.
- चूंकि मलेरिया के कुछ लक्षण सीमित नहीं होते, इसलिए जल्दी जांच करवाना जरूरी है.
- मलेरिया के कुछ प्रकार गंभीर बीमारी और मृत्यु का कारण बन सकते हैं.
- शिशु, 5 साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, एचआईवी या एड्स से पीड़ित लोगों को मलेरिया का खतरा ज्यादा होता है.
अगर गंभीर लक्षणों की बात करें, तो इनमें;
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- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- सोचने, समझने में परेशानी
- सांस लेने में दिक्कत
- गहरे रंग का या खूनी पेशाब
- पीलिया (आंखों और त्वचा का पीला पड़ना)
- शरीर के किसी हिस्से से असामान्य खून का बहना
- अगर किसी मरीज को गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत आपातकालीन मेडिकल सहायता लेनी चाहिए. याद रखें हल्के मलेरिया का शुरुआती इलाज कराने से संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है, अगर आप लक्षणों को नजरअंदाज करेंगे, तो स्थिति बिगड़ सकती है और मौत के करीब ले जा सकती है.
कैसे मलेरिया को घर में पनपने से रोके?
- घर में मलेरिया को पनपने से रोकने का सबसे मुख्य और सीधा तरीका स्थिर पानी को जमा होने से रोकना है. बारिश के बाद अगर आपके घर के आसपास पानी जमा हो जाता है, तो उसे तुरंत साफ कर लें.
- सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.
- घर में भी बाथरूम में पानी जमा न होने दे और बाल्टी के पानी को ढक कर रखें.
- शाम ढलने के बाद मच्छर भगाने वाली दवा इस्तेमाल करें.
- पूरा शरीर ढक जाए ऐसे कपड़े पहने.
- खिड़कियों पर जाली का इस्तेमाल करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.