Typhoid Fever Symptoms: भारत में टाइफाइड बुखार पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ा है और 2023 से यह एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गया है. देश में इलाज और जागरूकता होने के बावजूद यह बीमारी देश की बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले रही है. खास बात यह है कि अब टाइफाइड सिर्फ संक्रमण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस इसे और ज्यादा खतरनाक बना रहा है. हालिया स्टडी के आंकड़े ना सिर्फ चौंकाने वाले हैं, बल्कि आने वाले समय के लिए चेतावनी भी देते हैं. इस स्टडी के मुताबिक, साल 2023 में भारत में लगभग 49 लाख टाइफाइड बुखार के मामले दर्ज किए गए हैं.
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टाइफाइड बुखार क्या है?
टाइफाइड बुखार एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो गंदा पानी पीने या खराब खाना खाने से फैलता है. इसमें तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द, कमजोरी और भूख ना लगना जैसे लक्षण नजर आते हैं. अगर वक्त पर इसपर ध्यान ना दिया जाए तो यह बीमारी गंभीर हो सकती है.
2023 में टाइफाइड के 49 लाख मामले
एक स्टडी के अनुसार, साल 2023 में भारत में टाइफाइड बुखार के करीब 49 लाख मामले सामने आए. इस दौरान लगभग 7,850 लोगों की मौत होने का अनुमान लगाया गया है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुल मामलों में से करीब 30 प्रतिशत केस दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से दर्ज किए गए हैं.
एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस से जुड़े हैं मामले
द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, टाइफाइड की वजह से हुए 7.3 लाख हॉस्पिटलाइजेशन में से लगभग 6 लाख मामले फ्लोरोक्विनोलोन-रेजिस्टेंस से जुड़े थे. यह एक चिंता का विषय है, क्योंकि फ्लोरोक्विनोलोन एक आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली एंटीबायोटिक है, लेकिन इसके प्रति बढ़ता प्रतिरोध से इलाज मुश्किल हो रहा है.
बच्चों में सबसे ज्यादा खतरा
स्टडी के मुताबिक, टाइफाइड के मामले लगभग 5 से 9 साल के बच्चों में पाए गए हैं और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के मामले सबसे ज्यादा हैं. वहीं, 6 महीने से 4 साल तक के बच्चों में हॉस्पिटलाइजेशन के मामले ज्यादा देखे गए हैं. इन आंकड़ों से पता चलता है कि बच्चों के लिए भी टाइफाइड खतरनाक है.
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