HbA1c नहीं बल्कि इस एक टेस्ट से पता चलेगा डायबिटीज है या नहीं, रिसर्च ने कहा इससे रीडिंग एकदम सटीक आएगी

Diabetes Test: द लांसेट में छपी स्टडी में रिसर्चर्स का कहना है कि HbA1c से बेहतर एक और टेस्ट है जो डायबिटीज का तेजी से पता लगा सकता है. इस टेस्ट की रीडिंग सही आती है और यह भारतीयों के लिए खासतौर से जरूरी है.

Diabetes Test

डायबिटीज को जल्दी स्पॉट कर सकता है यह टेस्ट.

High Blood Sugar: द लांसेट रीजनल हेल्थ में पब्लिश्ड रिव्यू में ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन यानी HbA1c को लेकर चिंता जताई गई है. HbA1c डायबिटीज का पता लगाने का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला टेस्ट है जो खासतौर से दक्षिण एशिया में होता है. रिसर्चर्स ने इस बात को लेकर चेताया है कि भारत जैसे देश में जहां अनीमिया, आनुवांशिक ब्लड डिसोर्डर्स और ग्लूकोज-6-फॉस्फेट डिहाइड्रोजेनेस की कमी जैसी दिक्कतें हैं वहां HbA1c की रीडिंग खराब आ सकती है. इन फैक्टर्स के कारण डायबिटीज का शुरुआती स्टेज (Diabetes Early Stage) में ही पता लगाना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए रिसर्च में डायबिटीज का पता लगाने के लिए HbA1c से बेहतर किस टेस्ट को बताया गया है.

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HbA1c से बेहतर है डायबिटीज के लिए यह टेस्ट

पूरी तरह से सिर्फ HbA1c टेस्ट पर निर्भर रहने पर डायबिटीज का समय रहते पता लगाना मुश्किल होता है. वहीं, लेबोरेटरी क्वालिटी कंट्रोल में वेरिएशंस के चलते और लो रिसोर्स सेटिंग्स के कारण HbA1c की एक्यूरसी और ज्यादा खराब हो सकती है.

रिसर्चर्स का कहना है कि वे HbA1c के साथ ही ग्लूकोज बेस्ड टेस्ट जैसे ओरल ग्लूकोज टोलरेंस टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं. इसके साथ, ब्लड ग्लूकोज की सेल्फ मोनिटरिंग या लगातार ग्लूकोज मोनिटरिंग करना ज्यादा असरदार है.

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भारत में डायबिटीज एक महामारी की तरह फैलता जा रहा है. ICMR के साल 2023 में छपे एक सर्वे के अनुसार 10.1 करोड़ भारतीय डायबिटीज के साथ जी रहे हैं और 13.6 करोड़ भारतीय प्रीडायबिटीज के मरीज हैं. ऐसे में डायबिटीज का समय रहते पता लगाना बेहद जरूरी है.

क्या है ओरल ग्लूकोज टोलरेंस टेस्ट OGTT

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ओरल ग्लूकोज टोलरेंस टेस्ट यानी OGTT को HbA1c से ज्यादा सेंसिटिव माना जाता है. यह शुगर ड्रिंक पीने के तुरंत बाद शरीर के ग्लूकोज लोड रिस्पोंस को मापता है बजाय लॉन्ग टर्म शुगर एक्सपोजर के. इससे नेगेटिव रिजल्ट मिलने की संभावना कम हो जाती है. वर्तमान में भारत के लैब्स में OGTT 2 तरह के मेजरमेंट्स से परफॉर्म होती है, एक 8 घंटे के व्रत के बाद और दूसरी 75 ग्राम ग्लूकोज के सेवन के 2 घंटों बाद.

HbA1c को लेकर रिसर्चर्स का कहना है कि यह ब्लड ग्लूकोज लेवल्स को कम या ज्यादा आंक सकता है. अनीमिया की कंडीशन में ज्यादातर ये आंकड़े गलत ही बताता है. रिसर्चर्स का कहना है कि OGTT टेस्ट के साथ ही ब्लड ग्लूकोज लेवल्स की रेग्यूलर सेल्फ मोनिटरिंग की जानी चाहिए, साथ ही बेसिक ब्लड टेस्ट जैसे हीमोग्लोबिन लेवल्स और पेरिफेरल ब्लड स्मेयर से डायबिटीज का शुरुआती दौर में पता लगाया जा सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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