Night Leg Cramps Causes: रात के समय पैरों में ऐंठन होना मांसपेशियों के सिकुड़ने के कारण हो सकता है. ये ऐंठन दर्दनाक होती है और कुछ सेंकड या एक मिनट तक रहने के बाद ठीक हो जाती है. आमतौर पर यह ऐंठन गंभीर कारणों से नहीं होती है, लेकिन ऐसी कुछ दिक्कतें हैं जो इस ऐंठन को बढ़ाने का काम कर सकती हैं. नाइट लेग क्रैंप्स यानी रात के समय होने वाली पैंरों की ऐंठन ज्यादातर बुजुर्गों या गर्भवती महिलाओं में होती है. यहां जानिए पैरों में ऐंठन होना किसी बीमारी का लक्षण हो सकता है या नहीं और इस ऐंठन को किस तरह कम किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें- महिलाओं में दिखते हैं साइलेंट हार्ट अटैक के ये 7 लक्षण, जानिए किन्हें आ सकता है Heart Attack
रात में क्यों होती है पैरों में ऐंठन
मसल्स का थकना - बहुत देर तक खड़े रहने से, चलने के बाद या फिर ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी के कारण मसल्स थक जाती हैं. इससे रात के समय सोते हुए पैरों में ऐंठन हो सकती है. जो लोग नया एक्सरसाइज रूटीन शुरू करते हैं उन्हें सोते हुए पैरों में ऐंठन की दिक्कत हो सकती है.
डिहाइड्रेशन के कारण - डिहाइड्रेशन या इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस के कारण ऐंठन हो सकती है. पसीने के कारण शरीर में सोडियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और पौटेशियम कम हो सकते हैं. इसके अलावा, हैवी वर्कआउट से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकती है जिससे पैरों की ऐंठन होने की संभावना बढ़ जाती है.
खराब ब्लड सर्कुलेशन - खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण पेरिफरल आर्टरी डिजीज हो सकती है जिससे पैरों में अक्सर ही ऐंठन हो जाती है. खराब ब्लड सर्कुलेशन के अलावा नर्व कंप्रेशन हो सकती है जिससे रीढ़ से जुड़ी दिक्कतें और पैरों में ऐंठन हो सकती है.
एजिंग - उम्र बढ़ने पर मसल मास और इलास्टिसिटी कम होने लगती है जिससे रात के समय पैरों में ऐंठन होने की दिक्कत बढ़ती है.
प्रेग्नेंसी - गर्भवती महिलाओं में रात के समय ऐंठन आने की दिक्कत ज्यादा होती है. हार्मोनल बदलाव, पैरों की नसों पर प्रभाव पड़ने और ब्लड सर्कुलेशन के कम होने से ऐसा होता है.
फिजिकल एक्टिविटी की कमी - जिन लोगों का लाइफस्टाइल सिडेंटरी होता है और लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटी की कमी होती है उनके पैरों में ऐंठन हो सकती है.
पैरों की ऐंठन किस बीमारी का लक्षण हो सकती है
- ऐसी कुछ हेल्थ कंडीशंस हैं जिनमें पैरों में ऐंठन महसूस हो सकती है. किडनी डिजीज या किडनी फेलियर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ने पर पैरों में ऐंठन हो सकती है.
- डायबिटीज और डायबेटिक न्यूरोपैथी में नर्व्स डैमेज होने से और ब्लड सर्कुलेशन कम होने से ऐसा हो सकता है.
- लिवर डिसोर्डर में पैरों में ऐंठन हो सकती है.
- थायराइड की दिक्कतों में पैरों में ऐंठन हो सकती है.
- पैरों में ऐंठन की एक वजह अनीमिया भी हो सकती है.
कैसे दूर होगी पैरों में ऐंठन की दिक्कत
ऐंठन होने पर स्ट्रेचिंग करें जिससे मसल्स को आराम मिल सके, हल्की मालिश की जा सकती है, उठकर चलने पर आराम मिलता है और गुनगुने पानी से मालिश करने पर राहत महसूस होती है.
यह भी पढ़ें – किन लोगों को हो सकता है पेट का कैंसर? जानिए Stomach Cancer के लक्षण और कारण
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Night Leg Cramps Causes: रात के समय पैरों में ऐंठन होना मांसपेशियों के सिकुड़ने के कारण हो सकता है. ये ऐंठन दर्दनाक होती है और कुछ सेंकड या एक मिनट तक रहने के बाद ठीक हो जाती है. आमतौर पर यह ऐंठन गंभीर कारणों से नहीं होती है, लेकिन ऐसी कुछ दिक्कतें हैं जो इस ऐंठन को बढ़ाने का काम कर सकती हैं. नाइट लेग क्रैंप्स यानी रात के समय होने वाली पैंरों की ऐंठन ज्यादातर बुजुर्गों या गर्भवती महिलाओं में होती है. यहां जानिए पैरों में ऐंठन होना किसी बीमारी का लक्षण हो सकता है या नहीं और इस ऐंठन को किस तरह कम किया जा सकता है.
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रात में क्यों होती है पैरों में ऐंठन
मसल्स का थकना – बहुत देर तक खड़े रहने से, चलने के बाद या फिर ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी के कारण मसल्स थक जाती हैं. इससे रात के समय सोते हुए पैरों में ऐंठन हो सकती है. जो लोग नया एक्सरसाइज रूटीन शुरू करते हैं उन्हें सोते हुए पैरों में ऐंठन की दिक्कत हो सकती है.
डिहाइड्रेशन के कारण – डिहाइड्रेशन या इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस के कारण ऐंठन हो सकती है. पसीने के कारण शरीर में सोडियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और पौटेशियम कम हो सकते हैं. इसके अलावा, हैवी वर्कआउट से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकती है जिससे पैरों की ऐंठन होने की संभावना बढ़ जाती है.
खराब ब्लड सर्कुलेशन – खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण पेरिफरल आर्टरी डिजीज हो सकती है जिससे पैरों में अक्सर ही ऐंठन हो जाती है. खराब ब्लड सर्कुलेशन के अलावा नर्व कंप्रेशन हो सकती है जिससे रीढ़ से जुड़ी दिक्कतें और पैरों में ऐंठन हो सकती है.
एजिंग – उम्र बढ़ने पर मसल मास और इलास्टिसिटी कम होने लगती है जिससे रात के समय पैरों में ऐंठन होने की दिक्कत बढ़ती है.
प्रेग्नेंसी – गर्भवती महिलाओं में रात के समय ऐंठन आने की दिक्कत ज्यादा होती है. हार्मोनल बदलाव, पैरों की नसों पर प्रभाव पड़ने और ब्लड सर्कुलेशन के कम होने से ऐसा होता है.
फिजिकल एक्टिविटी की कमी – जिन लोगों का लाइफस्टाइल सिडेंटरी होता है और लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटी की कमी होती है उनके पैरों में ऐंठन हो सकती है.
पैरों की ऐंठन किस बीमारी का लक्षण हो सकती है
- ऐसी कुछ हेल्थ कंडीशंस हैं जिनमें पैरों में ऐंठन महसूस हो सकती है. किडनी डिजीज या किडनी फेलियर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ने पर पैरों में ऐंठन हो सकती है.
- डायबिटीज और डायबेटिक न्यूरोपैथी में नर्व्स डैमेज होने से और ब्लड सर्कुलेशन कम होने से ऐसा हो सकता है.
- लिवर डिसोर्डर में पैरों में ऐंठन हो सकती है.
- थायराइड की दिक्कतों में पैरों में ऐंठन हो सकती है.
- पैरों में ऐंठन की एक वजह अनीमिया भी हो सकती है.
कैसे दूर होगी पैरों में ऐंठन की दिक्कत
ऐंठन होने पर स्ट्रेचिंग करें जिससे मसल्स को आराम मिल सके, हल्की मालिश की जा सकती है, उठकर चलने पर आराम मिलता है और गुनगुने पानी से मालिश करने पर राहत महसूस होती है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.