Silent Heart Attack Symptoms: दुनियाभर में जान जाने के सबसे बड़े कारणों में से एक है हार्ट अटैक. ऐसे में हार्ट अटैक के लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो हार्ट अटैक को रोका जा सकता है. महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण (Heart Attack Ke Lakshan) सामान्य दिक्कतों जैसे लग सकते हैं और इसीलिए इन लक्षणों को पहचानने में मुश्किल आती है. वहीं, पुरषों की तुलना में महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण बेहद अलग होते हैं. वहीं, महिलाओं में नजर आने वाले लक्षण साइलेंट हो सकते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना जरूरी है. ऐसे में यहां जानिए महिलाओं में कैसे दिखते हैं साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण.
महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण
- सबसे पहले लक्षणों में सांस फूलना शामिल है. सांस लेने में दिक्कत होने लगती है
- सीने में दर्द महसूस होता है.
- कई दिनों तक बिना किसी कारण के शरीर में थकान रहती है.
- अक्सर ही जी मिचलाता है और उल्टी आ सकती है. ऐसा लगता है जैसे पेट खराब होने की वजह से ऐसा हो रहा है.
- सिर घूमता हुआ महसूस होता है.
- एंजाइटी महसूस होती है और जी घबराने लगता है.
- ठंडे पसीने आने लगते हैं.
किन महिलाओं में हार्ट अटैक आने का खतरा ज्यादा होता है
पोस्ट मेनोपॉज के बाद हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ सकती है. इसके अलावा, हार्ट ब्लड प्रेशर में, स्मोकिंग के चलते और हाई ब्लड कॉलेस्ट्रोल में हार्ट अटैक का रिस्क ज्यादा होता है. इसके अलावा, सीडेंट्री लाइफस्टाइल के कारण या मोटापे के कारण भी हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ती है. स्ट्रेस, डिप्रेशन और फैमिली हिस्ट्री भी हार्ट अटैक के रिस्क फैक्टर्स में शामिल है.
लक्षणों को ना करें नजरअंदाज
सालों से दिल की दिक्कतों को पुरुषों से जोड़कर देखा जाता रहा है. लेकिन, महिलाओं पर इसके प्रभाव पुरुषों की ही तरह गंभीर होते हैं. महिलाएं हार्ट अटैक के लक्षणों को इग्नोर करती जाती हैं जिससे इसका समय रहते निदान नहीं हो पाता है और दिल का दौरा पड़ जाता है. ऐसे में हार्ट अटैक के लक्षणों को इग्नोर करने की भूल नहीं करनी चाहिए.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.