फिर से मां बनने की कर रही हैं तैयारी? मिसकैरेज के बाद ये 5 टिप्स अपनाना जरूरी है

Miscarriage Ke Baad Pregnant Hona:  एक बार मिसकैरेज होने के बाद कई महिलाओं की उम्मीद टूट जाती है, लेकिन मिसकैरेज होने के बाद अपने शरीर को समझने और अगली प्रेग्नेंसी को बेहतर तरीके से प्लान करने का मौका भी हो सकता है. इसलिए आपको इन टिप्स पर जरूर ध्यान देना चाहिए. 

Miscarriage Ke Baad Pregnant Hona

मिसकैरेज के बाद ये 5 टिप्स अपनाना जरूरी है. Image Credit- Freepik

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Successful Pregnancy Immediately After Miscarriage: मिसकैरेज सिर्फ एक मेडिकल समस्या नहीं है, यह दिल और दिमाग दोनों पर गहरा असर डालता है. इसके बाद, कई महिलाओं के मन में डर बैठ जाता है और उनके मन में एक ही सवाल आता है कि अगर अगली बार भी ऐसा हुआ तो क्या होगा? एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर 100 में से लगभग 15 प्रेगनेंसी मिसकैरेज की वजह से खत्म हो जाती हैं, लेकिन इस बारे में खुलकर बात नहीं होने की वजह से कई महिलाएं अपने डर और चिंता को अकेले ही झेलती रहती हैं. हालांकि, सच यह है कि एक बार मिसकैरेज होना उम्मीद खत्म होने जैसा नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर को बेहतर समझने का एक मौका भी हो सकता है. आगे बढ़ने का मतलब प्रेग्नेंसी से दूर भागना नहीं, बल्कि उसे पहले से ज्यादा समझदारी, सही तैयारी और डॉक्टर की सलाह के साथ प्लान करना है, ताकि अगली प्रेगनेंसी में किसी भी तरह की दिक्कत ना हो. इसको लेकर डॉक्टर अनुपमा गंगवाल ( जो सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी कोकून हॉस्पिटल में हैं) का कहना है कि अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो प्रेग्नेंसी को काफी हद तक आसान बनाया जा सकता है और वो कैसे, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.  

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कारण समझें, तभी बढ़ाएं अगला कदम

मिसकैरेज के बाद सबसे जरूरी होता है यह समझना कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं,

  • बच्चे में जेनेटिक समस्या
  • हार्मोनल असंतुलन
  • इम्यून सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें
  • गर्भाशय की संरचना में समस्या

प्रेग्नेंसी से पहले शरीर को करें तैयार

स्वस्थ प्रेगनेंसी की शुरुआत गर्भ ठहरने से पहले ही होती है. इसलिए आप फोलिक एसिड का सेवन शुरू कर दें और संतुलित और पोषण से भरपूर आहार लें. अगर आपको कोई बीमारी है जैसे थायरॉयड, PCOS तो इन समस्याओं को कंट्रोल करें. प्रेग्नेंसी से पहले आप अपने शरीर का जितना ध्यान रखेंगे, आगे का सफर उतना ही सुरक्षित रहेगा.

शुरुआती महीनों में रखें खास निगरानी

प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीने सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं. इसी समय सही निगरानी बहुत बड़ा फर्क ला सकती है. इसलिए समय-समय पर अल्ट्रासाउंड, जरूरत पड़ने पर दवाएं और डॉक्टर से नियमित सलाह लेने से किसी भी खतरे के संकेत पहले ही पकड़ में आ जाते हैं. आजकल इलाज का फोकस लक्षण आने का इंतजार करना नहीं, बल्कि पहले से सतर्क रहना है.

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सिर्फ शरीर नहीं, मन का भी रखें ध्यान

मिसकैरेज के बाद मानसिक असर अक्सर नजरअंदाज हो जाता है. डर, चिंता और तनाव जैसी भावनाएं एक स्वस्थ प्रेगनेंसी पर भी असर डाल सकती हैं. रिसर्च बताती है कि मां का तनाव प्रेग्नेंसी पर असर डाल सकता है, इसलिए मानसिक सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है. डॉक्टर की सलाह के साथ-साथ काउंसलिंग, पार्टनर का सपोर्ट और खुलकर बात करना बहुत मददगार होता है.  

सही डॉक्टर से इलाज करवाएं

हर प्रेग्नेंसी एक जैसी नहीं होती, खासकर जब पहले मिसकैरेज हो चुका हो. ऐसे में सही डॉक्टर और बेहतर मेडिकल सुविधाएं चुनना बहुत जरूरी हो जाता है. आप किसी अनुभवी डॉक्टर से बात करें, जो आपकी जरूरत के हिसाब से प्लान तैयार करे. इसके अलावा, पहले हुआ मिसकैरेज आपकी सोच को जरूर बदल सकता है, लेकिन यह तय नहीं करता कि आगे क्या होगा. 

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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