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क्या बच्चे को अपना जूठा खिलाना चाहिए? डॉक्टर ने बताया बेबी को जूठा खिलाने पर क्या होता है

माता-पिता अक्सर ही बच्चे को अपना जूठा खिला देते हैं या मुंह से कुछ निकालकर बच्चे को खाने के लिए दे देते हैं. लेकिन, ऐसा करना सही है या नहीं और इसका सेहत पर क्या असर होता है, आइए जानते हैं डॉक्टर से.

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Bache Ko Jutha Khilana: छोटे बच्चे मम्मी-पापा के साथ बैठकर ही खाते हैं. लेकिन, अक्सर ही बच्चे के साथ खाना-खाते हुए पैरेंट्स उसे अपना जूठा कुछ खाने के लिए दे देते हैं या उसके खाने में से कुछ खाकर वापस बच्चे को दे देते हैं. इसपर पीडियाट्रिशियन यानी बच्चों के डॉक्टर मनीष मनन बताते हैं कि हम कई बार देखते हैं कि मां कुछ खाती है तो थोड़ा बच्चे के मुंह में डालती है या बच्चे के मुंह से थोड़ा अपने मुंह में डाल लेती है. लोग कहते हैं कि इससे प्यार पड़ता है. लेकिन, असल सवाल है कि क्या यह सही है. डॉक्टर ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम हैंडल से शेयर किया है. ऐसे में चलिए डॉक्टर से ही जानते हैं बच्चे को अपना जूठा खिलाने पर क्या होता है.

बच्चे को अपना जूठा खिलाना चाहिए या नहीं

डॉक्टर बताते हैं कि वयस्कों के मुंह में कई तरह के माइक्रोऑर्गेनिज्म होते हैं. बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है. आपके मुंह में जो खाना गया है उससे आपका सलाइवा मिलता है और आपके सलाइवा में बहुत से बैक्टीरिया और वायरस होते हैं जो बच्चे के मुंह में जा सकते हैं.

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ऐसे बहुत से बैक्टीरिया और वायरस होते हैं जो बच्चों में असर नहीं करते हैं, बड़े इसके बस कैरियर्स होते हैं. लेकिन, यही बैक्टीरिया या वायरस बच्चे में चले जाएं तो उसे इंफेक्ट कर सकते हैं यानी इंफेक्शन (Infection) का कारण बन सकते हैं.

बच्चे को हो सकती हैं दिक्कतें

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डॉक्टर कहते हैं कि अक्सर ही लोगों को लगता है कि बच्चे को घर में बैठे-बैठे ही पता नहीं कैसे खांसी या जुकाम हो गया है, किसी का गला खराब नहीं है तो पता नहीं इसका कैसे हो गया है वगैरह. लेकिन, इसकी असल वजह किसी बड़े का झूठा खाना हो सकता है. बड़ों को अगर कोई बैक्टीरिया असर नहीं कर रहा या वायरस का असर नहीं हो रहा फिर भी उसका जूठा खाने से बच्चे को इंफेक्शन हो सकता है. इसीलिए सलाइवा शेयर नहीं होना चाहिए. इसका असर बच्चे के दांतों पर भी पड़ सकता है.

बच्चों को भी सिखाएं

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माता-पिता को या घर के बाकी सदस्यों को अपना जूठा बच्चे को नहीं खिलाना चाहिए और उन्हें बच्चे को भी यही सिखाना चाहिए कि वे भी एकदूसरे का जूठा ना खाएं. इससे क्रॉस कंटेमिनेशन हो सकता है और बच्चे का जूठा खाने से कोई बीमार पड़ सकता है. इसीलिए बच्चे की खाने की प्लेट अलग होनी चाहिए, आपके खाने की प्लेट अलग होनी चाहिए और एकदूसरे के मुंह से निकाला हुआ कुछ भी आपको नहीं खाना चाहिए. इसीलिए सेफ्टी और हाइजीन का ख्याल रखिए जिससे कि बच्चा बीमार ना पड़े और स्वस्थ रहे.

यह भी पढ़ें – रात में नींद नहीं आती तो खाना शुरू कर दीजिए यह चीज, मिनटों में आ जाएगी गहरी नींद

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Mar 12, 2026 12:50 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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