Intermittent Fasting Side Effects: फिट रहने के लिए हम तरह-तरह की एक्सरसाइज, डाइटिंग जैसे तरीके अपनाते हैं। इन्हीं में से एक इंटरमिटेंट फास्टिंग है जो आजकल काफी ट्रेंड में है। वेट लॉस के इस नए तरीके को फॉलो कर लोग अपना वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, लोगों को इसका फायदा भी हुआ है। सेलेब्रिटीज भी वेट लॉस के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का सहारा ले रहे हैं। हाल ही में, हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर एसके सरीन ने इंटरमिटेंट फास्टिंग को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए हैं जो हमें जरूर जानने चाहिए।
क्या कहा एक्सपर्ट ने?
डॉक्टर एसके सरीन एक सीनियर डॉक्टर हैं, जो लिवर की समस्याओं को लेकर अपनी राय लोगों तक पहुंचाते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक पॉडकास्ट शो में बताया कि लिवर के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग हानिकारक है, यह हमारे लिवर को डैमेज कर सकती है।
क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग?
इंटरमिटेंट फास्टिंग में दिन के कुछ समय फास्ट का रखना होता है और एक तय समय पर ही खाना खाना होता है। ऐसा करने से शरीर में ज्यादा मात्रा में कैलोरी नहीं जाती है और डाइट भी कंट्रोल रहती है। डॉक्टर सरीन के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग में 16 घंटों के गैप के बाद खाना खाया जाता है, जो कि लिवर की ओवरऑल हेल्थ के लिए सही नहीं है। लिवर ऐसा अंग है जो डाइजेशन, मेटाबॉलिज्म, डिटॉक्सिफिकेशन और हार्मोन रेगुलेशन का काम करता है। ऐसे में इंटरमिटेंट फास्टिंग, जिसमें 16 घंटे के गैप में खाना खाया जाता है, उससे लिवर के फंक्शनिंग में परेशानियां हो सकती हैं।
और क्या कहा एक्सपर्ट ने?
उन्होंने कहा कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से बेहतर है टाइम रेस्ट्रिक्टिंग ईटिंग। 16 घंटे के गैप में भोजन करना ज्यादा हानिकारक है। स्वस्थ रहने के लिए समय निर्धारित करके खाना खाना सही रहता है। उनके अनुसार, सूर्योदय के बाद पहला मील लेना चाहिए और सूर्यास्त से पहले दिन का अंतिम मील खा लेना चाहिए। एक्सपर्ट के अनुसार, लिवर प्रभावित होने से हार्ट हेल्थ भी बिगड़ती है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ता है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें।News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।