जोड़ों ही नहीं बल्कि त्वचा पर भी नजर आते हैं हाई यूरिक एसिड के लक्षण, वक्त रहते पहचानें ये निशान

High Uric Acid Symptoms On Skin: यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का शिकार होने लगता है. ऐसे में यहां जानिए किस तरह यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षणों को वक्त रहते पहचाना जा सकता है. त्वचा पर जरूर नॉटिस करें ये चेंज.

High Uric Acid Symptoms On Skin

Uric Acid Ke Lakshan: यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर पर ऐसे दिखते हैं लक्षण. Image Credit - Freepik

High Uric Acid Symptoms: शरीर में यूरिक एसिड बढ़ना खतरे की घंटी की तरह होता है. हाई यूरिक एसिड एक नहीं बल्कि कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह बनता है. यूरिक एसिड एक तरह का वेस्ट पदार्थ होता है जिसे किडनी अन्य टॉक्सिंस की तरह फिल्टर करके शरीर से निकाल देती है. लेकिन, यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए तो किडनी इसे फिल्टर नहीं कर पाती और यूरिक एसिड पूरे शरीर में फैल जाता है. खासतौर से जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स जमने लगते हैं और गाउट (Gout) की वजह बनते हैं. लेकिन, सिर्फ जोड़ों ही नहीं बल्कि त्वचा पर भी यूरिक एसिड के लक्षण नजर आने लगते हैं. ऐसे में यहां जानिए किस तरह त्वचा पर यूरिक एसिड के लक्षणों (Uric Acid Ke Lakshan) की पहचान हो सकती है.

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त्वचा पर हाई यूरिक एसिड के लक्षण | High Uric Acid Symptoms On Skin

त्वचा पर दिखती हैं गांठें

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यूरिक एसिड बढ़ने पर त्वचा पर गांठें नजर आने लगती हैं. स्किन के ऊपर छोटे-बड़े लंप्स दिखने लगते हैं. ये गांठें पीली या फिर स्किन कलर की नजर आ सकती हैं. इनसे छुटकारा ना पाया जाए तो इनमें दर्द हो सकता है. कई बार इनके अंदर पस भी पड़ जाती है.

त्वचा का लाल दिखना और सूजन हो जाना

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हाई यूरिक एसिड में त्वचा लाल नजर आने लगती है और सूजन हो सकती है. खासतौर से पैरों पर सूजन (Swelling) नजर आती है. यह इंफ्लेमेशन के कारण होता है. इस चलते पैरों में दर्द भी महसूस होता है.

स्किन चमकदार दिखती है और टाइट हो जाती है

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त्वचा का जरूरत से ज्यादा चमकदार दिखना या टाइट हो जाना हाई यूरिक एसिड के लक्षणों में शामिल है. ऐसा फ्लुइड रिटेंशन के कारण हो सकता है. इस इंफ्लेमेशन से दर्द भी होता है.

स्किन निकलना भी है लक्षण

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हाई यूरिक एसिड के लक्षणों में स्किन का निकलना भी शामिल है. गाउट में स्किन का फ्लेकी हो जाना और ऐसा लगना जैसे कि सनबर्न हुआ है, कॉमन है.

हाइपरपिग्मेंटेशन

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त्वचा पिग्मेंटेड होना भी यूरिक एसिड का लक्षण हो सकता है. ऐसा क्रोनिक इंफ्लेमेशमन या टिशू स्ट्रेस के चलते होता है. इससे स्किन पर डार्कनेस नजर आने लगती है.

ज्यादातर किन अंगों की त्वचा प्रभावित होती है?

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यूरिक एसिड बढ़ने पर कोहनी, पंजों, एड़ियों, घुटनों, उंगलियों और पैरों के एंकल की त्वचा प्रभावित होती है. इन हिस्सों पर सूजन और स्टिफनेस हो सकती है और त्वचा में दर्द महसूस होता है.

यूरिक एसिड कम करने के लिए क्या खाएं

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न्यूट्रिशनिस्ट सोनिया नारंग ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वे बता रही हैं कि क्या खाने-पीने से हाई यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है. ये हैं यूरिक एसिड कम करने वाले फूड्स –

नींबू पानी – सुबह उठते ही नींबू पानी (Lemon Water) पिएं.
खीरा और काली मिर्च – खाना खाने से पहले खीरे का सलाद खाएं. इसमें काली मिर्च का पाउडर जरूर डालें.
अजवाइन – खाने के बाद एक चुटकी अजवाइन खाना यूरिक एसिड कम कर सकता है.
कॉफी – न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि चाय की जगह पर कॉफी पिएं.
सेब – फाइबर से भरपूर सेब खाने पर यूरिक एसिड कम हो सकता है.
दाल – 4 से 6 घंटे तक भिगोकर रखने के बाद दाल का सेवन करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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