Urin Diseases: पुरुषों में पेशाब से जुड़ी बीमारियां गंभीर स्थितियों को पैदा कर सकती है, जो आपकी पूरी लाइफ को बदल कर रख देती है। इनमें से कई स्थितियों में अगर समय पर इलाज न मिले तो सेक्सुअल हेल्थ और फर्टिलिटी को प्रभावित करती है। ऐसे में अगर आपको इन बीमारियों के बारे में समय पर पता चल जाए तो जागरूक होकर समय रहते इसका इलाज कराना जरूरी होता है। यूटीआई और इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसी समस्याओं से लेकर प्रोस्टेट कैंसर या किडनी की पथरी जैसी गंभीर आपकी चिंता बढ़ा सकती है। आइए जानते हैं इन समस्याओं के बारे में…
सौम्य प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH)
40 साल की उम्र में ये पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है जिससे ज्यादा पेशाब आने लगता है। समय पर इलाज न मिलने पर ये स्थिति लोगों के रोजमर्रा की लाइफ में समस्या पैदा सकती है।
प्रोस्टेट कैंसर
प्रोस्टेट ग्रंथि कोशिकाओं के बढ़ने के कारण प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके आप डॉक्टर की सलाह पर ही इलाज कराएं प्रोस्टेट कैंसर का खतरा पुरुषों में ज्यादा होता, जो उन्हें लंबे समय तक परेशान कर सकती है।
यूटीआई
यूटीआई यूरिनरी सिस्टम को प्रभावित करती है। ये बैक्टीरियल इन्फेक्शन पुरुषों में ज्यादा होता है। हालांकि ये बीमारी महिलाओं को भी प्रभावित कर सकती है। उम्र बढ़ने के साथ लोगों में यूटीआई खतरा ज्यादा रहता है, चाहे उनका लिंग कोई भी हो।
किडनी की पथरी
यूरिनरी सिस्टम में हार्ड मिनरल्स के बढ़ने से पेट दर्द पैदा होता है, साथ ही उल्टी और मतली भी होती है। पथरी कितनी बड़ी है और कहां है, ये तय करता है कि लक्षण कितने गंभीर होंगे।
पेरोनी डिजीज
लिंग में स्केयर्ड टिश्यू के होने से पेनफुल कॉसिंग पैदा होती है और ये आपके सेक्सुअल हेल्थ को प्रभावित करती है।
कैसे करें बचाव
युरोलोजिस्ट डॉक्टर अनुभव रात बताते हैं कि पेशाब से जुड़ी बीमारी से बीमारी से बचने के लिए चाहे वे महिला हो या पुरुष उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके लिए वह हर रोज 2 लीटर पानी पीने का रुटीन बना लें। साथ ही ये भी ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा या बहुत कम पानी न पिएं। इससे आप गंभीर बीमारियों के खतरे से बच सकते हैं।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।