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कहीं आपका तरबूज मिलावटी तो नहीं? इन आसान तरीकों से करें पहचान

तरबूजों का सीजन शुरू हो गया है। इस समय आपको बाजार में चारों तरफ वाटरमेलन दिखाई देंगे। मगर इनकी रंगत पर मत जाइए। ये बाहर से जितने सुंदर हैं, अंदर से उतने ही नुकसान हमारी सेहत को पहुंचा सकते हैं। मिलावटी और नकली तरबूज खाने से पिछले साल एक लड़की की मौत भी हो गई। चलिए जानते हैं कैसे करें असली और नकली तरबूज की पहचान।

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गर्मियों में तरबूज आपको हर जगह मिल जाएंगे। ये फल हाइड्रेशन के लिए सबसे ज्यादा अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें 96% तक सिर्फ पानी ही पानी होता है। इस मौसम में रोजाना इसे खाने से डिहाइड्रेशन से बचा जा सकता है। मगर जिन चीजों की मार्केट में डिमांड बढ़ती है, वहीं चीजें लोगों तक नकली और मिलावटी भी पहुंचती हैं। तरबूज खाने से पहले इसके मिलावटी होने न होने का पता लगाना बहुत जरूरी है क्योंकि यह फल बाजार में सबसे ज्यादा नकली मिलता है। इसे इंजेक्शन और कलर की मदद से पकाया और मीठा किया जाता है। ऐसे तरबूज खाने से सेहत बिगड़ सकती है। चलिए डॉक्टर से जानते हैं नकली तरबूज खाने से क्या होगा और कैसे इन्हें पहचानें।

नकली तरबूज खाने के नुकसान

1. सेहत पर असर- नकली तरबूज खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, सिरदर्द और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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2. ऑर्गन फेल- ज्यादा लंबे समय तक नकली और मिलावटी तरबूज खाने से लिवर और किडनी पर भी बुरा असर पड़ता है।

3. केमिक्लस- मिलावटी तरबूजों में इथरियल (Ethephon) या केमिकल डाईज होते हैं, जो सेहत के लिए जहर साबित हो सकते हैं। कई बार यह जहर किसी की जान भी ले सकता है।

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लड़की की हो चुकी है मौत

पिछले साल कानपुर की एक लड़की की नकली और मिलावटी तरबूज खाने से मौत हो गई थी। उसने अपने घर के पास वाले बाजार से तरबूज खरीदा था। इस तरबूज में केमिकल मिलाया गया था, जिसे खाने के बाद लड़की को पहले उल्टियां हुईं और दस्त हुए। जिला अस्पताल के डॉक्टर रामकिशोर ने बताया कि तरबूज में एरिथ्रोसिन नामक केमिकल मिलाया गया था, जिस वजह से उसके साथ ऐसा हुआ था। इस तरबूज को खाने से पेट दर्द, जी मिचलाना, भूख न लगना और दस्त हो सकती हैं। हालांकि, ऐसी घटनाएं अब सामान्य हो गई हैं क्योंकि नकली तरबूजों का मार्केट काफी बड़ा है। इसकी रोकथाम के लिए सरकार को ही ठोस कदम उठाने होंगे लेकिन आम जनता क्या करें?

सामान्य लोग नकली तरबूज खाने से बचने के लिए सही फल की पहचान कर सकते हैं। इसके लिए हम आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं। नकली तरबूजों की पहचान करने के तरीकों के बारे में हमें डॉक्टर अनुज कुमार बता रहे हैं।

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ऐसे करें नकली तरबूज की पहचान

1. कॉटन टेस्ट

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तरबूज का एक टुकड़ा काटें और उसे सूखे कपड़े या रुई पर रगड़कर देखें। अगर कपड़ा गहरे लाल रंग का हो जाता है, तो यह संकेत है कि तरबूज में हानिकारक रंग जैसे एरिथ्रोसिन (E127) या रोडामाइन-बी मिलाए गए हैं। नेचुरल रंग (लाइकोपीन) वसा में घुलनशील होता है, इसलिए वह सूखे कपड़े पर आसानी से नहीं फैलता।

2. पानी टेस्ट

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तरबूज का एक टुकड़ा साफ पानी में डालें और कुछ मिनट तक देखें। अगर पानी का रंग गहरा गुलाबी या लाल हो जाता है, तो यह भी हानिकारक रंग होने का संकेत हो सकता है।

3. स्वाद और बनावट

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अगर तरबूज अंदर से लाल है लेकिन स्वाद पूरा फीका है या इसमें अजीब गंध या रेशा जैसा महसूस होता है, तो यह रासायनिक तरीके से पके होने का संकेत हो सकता है। इसका साफ मतलब है कि तरबूज नकली है।

4. फील्ड स्पॉट देखें

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अच्छे तरबूज में एक पीले या क्रीम रंग का धब्बा होता है यानी यह जमीन से संपर्क का हिस्सा होता है। वहीं, अगर धब्बा सफेद या हरा हो, तो तरबूज अधपका हो सकता है और इसे रासायनिक रूप से पकाया गया हो सकता है।

5. खराब होने की गति

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अगर तरबूज 2-3 दिनों में ही बदबू मारने लगे या सड़ जाए, तो इसमें रासायनिक पदार्थों की मौजूदगी की आशंका हो सकती है।

6. डंठल की जांच

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अगर तरबूज का डंठल सूखा और गहरे रंग का है, तो यह नेचुरल तरीके से पका है। वहीं, अगर हरा और ताजा डंठल है, तो कच्चे तरबूज को तोड़ कर उसे बाद में पकाया गया है।

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7. सतह की स्थिति

अगर सतह पर असामान्य दरारें, चकाचौंध वाले धब्बे या इंजेक्शन के निशान हों, तो ये रासायनिक इंजेक्शन दिए जाने की आशंका को दर्शाते हैं।

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क्या कहते हैं डॉक्टर?

झारखंड के पब्लिक हेल्थ वर्कर और एक्सपर्ट बताते हैं कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि मिलावटी तरबूज या किसी भी रासायनिक रूप से तैयार फल का सेवन स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है। इससे पेट की समस्याएं, एलर्जी, और लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। बाजार से असली तरबूज खाने के कुछ तरीके होते हैं, जिन्हें जानकर आप सही फल खरीद सकते हैं।

असली तरबूज की पहचान के टिप्स

  •  विश्वसनीय विक्रेताओं से ही तरबूज खरीदें, खासकर स्थानीय किसान या ऑर्गेनिक फल-सब्जी के विक्रेता से खरीदें।
  •  तरबूज को अच्छी तरह धोकर और छीलकर खाएं, ताकि सतह पर मौजूद रसायन हट सकें और आपके पेट में न जा सकें।
  • अगर आपको तरबूज को देखकर संदेह की स्थिति दिखाई देती है, तो स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग से संपर्क करें और तरबूज के सैंपल को जांच के लिए भेज सकते हैं।

तरबूज खरीदते समय ध्यान रखें ये बातें

  • ठोक कर देखें- अगर खोखली आवाज आए, तो तरबूज पका और ताजा है।
  • पीला निशान- नीचे की तरफ पीला या क्रीम कलर का निशान होना। इससे यह पता चलेगा कि तरबूज जमीन पर पड़ा रहा है और प्राकृतिक रूप से पका है।
  • बीजों का रंग- असली तरबूज के बीज काले या भूरे होते हैं, नकली वाले में बीज हल्के रंग के या कम संख्या में हो सकते हैं।

ये भी पढ़ें- छोटी उम्र में साइलेंट अटैक क्यों?

Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

First published on: Apr 11, 2025 07:56 AM

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About the Author

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

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