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Euthanasia In India: क्या भारत में इच्छामृत्यु की अनुमति है? यहां जानिए इच्छामृत्यु क्या होती है और किसे मिलती है

Iccha Mrityu Kya Hai: हरीश राणा के मामले ने एक बार फिर इच्छामृत्यु की तरफ सभी का ध्यान खींच लिया है. ऐसे में यहां जानिए इच्छामृत्यु क्या होती है, किसे दी जाती है और कैसे दी जाती है.

Author Written By: Seema Thakur Updated: Jan 16, 2026 16:54
what is Euthanasia
इच्छामृत्यु कैसे मिलती है और यह क्यों मिलती है, जानिए यहां.
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What Is Euthanasia: सुप्रीम कोर्ट में लगभग 13 साल से अचेत पड़े हरीश राणा (Harish Rana) की सुनवाई चल रही है. गाजियाबाद के रहने वाले हरीश चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहे थे जहां अपने पीजी की चौथी मंजिल की बाल्कनी से गिरने पर हरीश को सिर में चोट आई थी. इस चोट ने उन्हें 100% दिव्यांग बना दिया था. इस हादसे के बाद से 32 वर्षीय हरीश कोमा में हैं और सांस और भोजन के लिए ट्यूब्स के सहारे जिंदा हैं. जिंदगी और मौत के बीच लटकी अपनी संतान के लिए हरीश के माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की मांग की है. लेकिन, इच्छामृत्यु (Icchamrityu) होती क्या है और यह भारत में कानूनी है या नहीं, यहां जानिए सबकुछ.

क्या होती है इच्छामृत्यु

लंबे समय से अचेत पड़ा इंसान, मशीन के सहारे जिंदा इंसान और किसी दर्द से गुजर रहा इंसान या उसका परिवार इच्छामृत्यु की मांग करता है. इसमें मरीज को उसकी स्वेच्छा से मृत्यु दी जाती है. स्वेच्छा या जहां जरूरत हो वहां मृत्यु दिए जाने की प्रक्रिया को ही इच्छामृत्यु कहा जाता है.

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इच्छामृत्यु कैसे दी जाती है?

इच्छामृत्यु आमतौर पर 2 तरह की होती है, पहली है सक्रिय इच्छामृत्यु या एक्टिव यूथेनेशिया (Active Euthanasia) जिसमें व्यक्ति को जहर देकर इच्छामृत्यु दी जाती है. यह तब होता है जब व्यक्ति असहनीय दर्द से गुजर रहा हो. दूसरी, निष्क्रिय इच्छामृत्यु या पासिव यूथेनेशिया (Passive Euthanasia) जिसमें व्यक्ति का इलाज बंद कर दिया जाता है या वो मशीन बंद कर दी जाती है जिसके सहारे व्यक्ति जिंदा होता है, यह कोमा या ब्रैन डैमेज जैसी स्थिति में होता है.

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क्या भारत में इच्छामृत्यु कानूनी है?

भारत में इच्छामृत्यु पूरी तरह कानूनी (Legal) नहीं है और इसे अदालती निगरानी के साथ ही दिया जाता है. एक्टिव यूथेनेशिया भारत में मना है लेकिन अदालत लाइलाज बीमारी में पासिव यूथेनेशिया की इजाजत दे सकता है. साल 2011 में अरुणा शानबाग मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अरुणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी.

किन बीमारियों में इच्छामृत्यु की मांग की जा सकती है?

ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, कोलंबिया, लग्जमबर्ग, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, इक्वेडोर और नीदरलैंड्स ऐसे देश हैं जहां इच्छामृत्यु कानूनी है. यहां टर्मिनल कैंसर, न्यूरोजनरेटिव डिजीज जैसे एल्जाइमर, डिमेंशिया, एडवांस्ड कार्डियोवैस्कुलर डिसोर्डर्स, साइकाइट्रिक कंडीशंस, वेजिटेटिव स्टेट जैसे कोमा या जहां लाइफ सपोर्ट के बिना मरीज जिंदा नहीं रह सकता वहां इच्छामृत्यु की मांग की जा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Jan 16, 2026 04:54 PM

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