कैसे पता चलेगा पित्त की थैली में पथरी हो गई है? यहां जानिए पथरी का सबसे बड़ा लक्षण क्या है

Pitt Pathri Ke Lakshan: पित्त की थैली में पथरी हो जाए तो शरीर पर इसके अलग-अलग लक्षण नजर आने लगते हैं. ऐसे में यहां जानिए आपको कैसे पता लगेगा कि पित्त की थैली में पथरी या गालस्टोन हो गए हैं.

Gallbladder Stone

पित्त पथरी होने के पहले लक्षण क्या हैं?

Gallbladder Stone Symptoms: पित्त यानी गालब्लैडर शरीर का वो अंगर है जो लिवर के नीचे होता है और नाशपाती के आकार का नजर आता है. लिवर में बनने वाला बाइल गालब्लैडर में जाकर जमा होता है. जब आप कुछ खाते हैं तो गालब्लैडर से यह बाइल खाने में मिल जाता है और छोटी आंत में चला जाता है. पित्त में यही डाइजेस्टिव फ्लुइड्स जम जाने पर पथरी हो जाती है. पित्त की पथरी को गालस्टोन (Gallstone) कहते हैं. पथरी आकार में छोटी या बड़ी हो सकती है. कुछ लोगों को पित्त में एक पथरी होती है तो किसी को एकसाथ कई पथरी होने की दिक्कत हो जाती है. पथरी होने पर शरीर में कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं. ऐसे में यहां जानिए पित्त की पथरी में शरीर पर कौन-कौन से लक्षण (Pathri Ke Lakshan) दिखते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है.

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पित्त की थैली में पथरी के लक्षण | Pitt Ki Thaili Me Pathri Ke Lakshan

तेज दर्द होना – पित्त की थैली में पथरी हो जाए तो पेट की दाईं तरफ दर्द होने लगता है. कई बार दर्द पेट के ऊपरी हिस्से में भी महसूस होता है. यह दर्द इतना तेज होता है कि व्यक्ति के लिए ठीक तरह से उठना-बैठना तक मुश्किल हो जाता है.

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कंधों के बीच दर्द – पित्त की पथरी में कंधों में दर्द महसूस हो सकता है. ज्यादातर दाएं कंधे में और दोनों कंधों के बीच में दर्द होता है.

जी मितलाना – गालस्टोन होने पर जी मितलाने लगता है और उल्टी आती है.

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क्यों होती है पित्त की पथरी

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पित्त की पथरी या पित्ताशय में पथरी होने के मुख्यरूप से 3 कारण हो सकते हैं –

  • बाइल में कॉलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा होने पर पथरी हो सकती है. अगर कॉलेस्ट्रोल बहुत ज्यादा होगा और बाइल इसे घोल नहीं पाएगा तो एक्सेस कॉलेस्ट्रोल क्रिस्टल्स की तरह पित्त में जमने लगता है और पथरी बन जाता है.
  • बाइल में बिलिरुबिन के ज्यादा होने पर भी पथरी हो सकती है. बिलिरुबिन ऐसा केमिकल है जो रेड ब्लड सेल्स के ब्रेक होने पर बनता है. कई कंडीशंस में लिवर जरूरत से ज्यादा बिलिरुबिन बनाने लगता है. ऐसे में बिलिरुबिन पथरी बनाने में अपना योगदान देता है.
  • अगर गालब्लैडर यानी पित्ताशय पूरी तरह से खाली नहीं होता है तो बाइल कंसेंट्रेटेड होकर जमने लगता है जिससे गालस्टोन बनते हैं.

किन लोगों को हो सकती है पित्त की पथरी

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  • महिलाओं को पित्त की पथरी होने का खतरा ज्यादा रहता है
  • 40 की उम्र के बाद पित्त की पथरी हो सकती है
  • मोटापा पित्त की पथरी के रिस्क फैक्टर्स में शामिल है
  • एक्टिव लाइफस्टाइल ना होने पर पित्त की पथरी हो सकती है
  • गर्भावस्था में पित्त की पथरी का खतरा बढ़ता है
  • हाई फैट, हाई कॉलेस्ट्रोल और लो फाइबर वाली डाइट लेने पर पथरी हो सकती है
  • किसी को परिवार में गालस्टोन रहे हों तो व्यक्ति को पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है
  • डायबिटीज के मरीजों को पथरी होने की संभावना होती है
  • ब्लड डिसोर्डर्स जैसे अनीमिया या ल्यूकीमिया में पथरी हो सकती है
  • तेजी से वजन घटाने वाले लोगों को पथरी का खतरा रहता है
  • एस्ट्रोजन वाली दवाइयां जैसे कोंट्रासेप्टिव या हार्मोन थेरैपी ड्रग्स के कारण पथरी हो सकती है
  • लिवर की बीमारी में पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है.

पित्त की पथरी से कैसे बचें

पित्त की पथरी से बचने के लिए अपना खाना स्किप ना करें. खाना ना खाने से गालस्टोन हो सकते हैं. तेजी से वजन घटाने के बजाय धीरे-धीरे वजन कम करने पर फोकस करें. फाइबर से भरपूर फूड्स खाएं यानी खानपान में फल, सब्जियां और पूर्ण अनाज को शामिल करें. इसके साथ ही, हेल्दी वेट मैनेज करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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