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क्या मैं प्रोस्टेट कैंसर के साथ सामान्य जीवन जी सकता हूं? आपका भी यही सवाल है तो यहां जानिए Prostate Cancer का सर्वाइवल रेट क्या है

Prostate Cancer Survival Rate: प्रोस्टेट कैंसर होने पर किस तरह की दिक्कतें आती हैं और इसके साथ जीना कितना मुश्किल है जानिए यहां. प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षणों से लेकर आखिरी स्टेज तक कुछ इस तरह होती है स्थिति.

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Prostate Cancer: पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि में होने वाला कैंसर प्रोस्टेट कैंसर होता है. प्रोस्टेट पुरुषों के जननांगों का हिस्सा है जो अंडाकार नजर आता है और ब्लैडर के नीचे स्थित होता है. प्रोस्टेट ग्लैंड (Prostate Gland) फ्लुइड्स को सीमन के साथ मिक्स करती है. इस ग्रंथि में होने वाले कैंसर को ही प्रोस्टेट कैंसर कहते हैं. यह ज्यादातर एडेनोकार्सिनोमा होता है जो प्रोस्टेट ग्रंथि की सेल्स से ही शुरू होता है. इसके अलावा स्मॉल सेल कार्सिनोमास, ट्रांसिशन सेल कार्सिनोमास, न्योएंडोक्ट्रिन ट्यूमर्स और सार्कोमास कैंसर हो सकता है. अक्सर सवाल किया जाता है कि क्या प्रोस्टेट कैंसर के साथ जीना आसान है. ऐसे में यहां जानिए प्रोस्टेट कैंसर का सर्वाइवल रेट (Prostate Cancer Survival Rate) क्या है, जिन पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर होता है उन्हें किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण और प्रभाव वगैरह कैसे होते हैं.

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण | Prostate Cancer Symptoms

  • पेशाब करने में दिक्कत आने लगती है.
  • अचानक से पेशाब करने की इच्छा होती है.
  • जरूरत से ज्यादा बार पेशाब आने लगता है, खासतौर से रात के समय.
  • पेशाब करते हुए प्रवाह धीमा होता है.
  • पेल्विक एरिया में दर्द रहने लगता है.
  • सीमन में खून नजर आने लगता है.
  • इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunction) हो जाता है.
  • हड्डियों में दर्द रहने लगता है.
  • पेशाब में खून (Blood In Urine) नजर आने लगता है.
  • ब्लैडर कंट्रोल नहीं रहता है.
  • पैरों और पांव में कमजोरी महसूस होने लगती है.

प्रोस्टेट कैंसर के कारण

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प्रोस्टेट ग्रंथि में कैंसर सेल्स पनपने से यह कैंसर हो सकता है. कैंसर के सेल्स लगातार बढ़ते जाते हैं और गांठ या लंप की तरह बन जाते हैं. यह कैंसर धीमी गति से बढ़ता है और शुरुआती स्टेज में इसे ट्रीट करना आसान होता है.

क्या प्रोस्टेट कैंसर के साथ सामान्य जीवन जी सकते हैं?

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यूनिवर्सिटी कॉलेज लंडन होस्पिटल्स, NHS फाउंडेशन ट्रस्ट ने अपने यूट्यूब हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें कंसल्टेंट यूरोलॉजिल्ट प्रोफेसर मार्क एंबर्टन ने बताया है कि प्रोस्टेट कैंसर से मृत्यु का खतरा कम होता है. अगर आपका प्रोस्टेट कैंसर ट्रीट किया जा रहा है और निगरानी में है तो आप अगले 30 से 40 वर्षों तक सामान्य जीवन जी सकते हैं. इसके साथ ही, सही खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देकर अच्छी जिंदगी जी सकते हैं.

सामान्य आंकड़े क्या कहते हैं

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सामान्य आंकड़े कहते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर के साथ सामान्य जीवन जिया जा सकता है. अगर प्रोस्टेट कैंसर की जल्दी पहचान हो जाए और ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जाए तो प्रोस्टेट कैंसर का सर्वाइवल रेट बढ़ जाता है. कैंसर की स्टेज, ग्रेड और व्यक्ति की ओवलऑल हेल्थ पर निर्भर करता है कि वह प्रोस्टेट कैंसर के साथ किस तरह से जीवन व्यतीत कर सकता है या कितना सामान्य जीवन व्यतीत करता है. प्रोस्टेट कैंसर के ट्रीटमेंट्स और कुछ साइड इफेक्ट्स के कारण इरेक्टलाइल डिस्फंक्शन जैसी दिक्कतें या सेक्शुअल हेल्थ से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. हालांकि, यह समय के साथ ठीक हो सकता है.

भारत में दिल्ली, कोलकाला, पुणे और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में पुरुषों में दूसरा सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर प्रोस्टेट कैंसर है. बैंगलुरू और मुंबई में यह तीसरे नंबर पर आता है और भारत के बाकी शहरों में प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाले कैंसर में टॉप 10 में आता है.

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प्रोस्टेट कैंसर का 5 साल का सर्वाइवल रेट 64% है, 59 की उम्र में यह कैंसर हुआ हो तो सर्वाइवल रेट 55% है, 60-69 साल में 74% और 70 साल से ज्यादा की उम्र हो तो सर्वाइल रेट 52% है.

प्रोस्टेट कैंसर किन लोगों को ज्यादा होता है

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  • 40 साल से कम उम्र के पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना कम होती है. वहीं, 50 साल के पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा रहता है.
  • एशियन-अमेरिकन, हिस्पेनिक और लैटिन पुरुषों को यह कैंसर ज्यादा होता है. सबसे ज्यादा अफ्रीकी ब्लैक पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर देखा जाता है.
  • परिवार में किसी को प्रोस्टेट कैंसर रहा हो तो व्यक्ति को प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है.
  • कैल्शियम के जरूरत से ज्यादा सेवन से या कैल्शियम के सप्लीमेंट्स बहुत ज्यादा लिए जाएं तो इससे प्रोस्टेट कैंसर का रिस्क बढ़ता है.
  • प्रोस्टेट कैंसर और मोटापे के बीच सीधा संबंध नहीं देखा गया है लेकिन ओबीज पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की एडवांस स्टेज (Prostate Cancer Advanced Stage) देखी गई हैं.
  • प्रोस्टेट में हुई इंफ्लेमेशन प्रोस्टेट कैंसर की वजह बन सकती है.

यह भी पढ़ें – Rakhi Sawant से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक ने फ्रीज कराए अपने अंडे, जानिए Egg Freezing क्या होती है और क्यों करवाई जाती है

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Nov 13, 2025 12:23 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विद्यालय से ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. प्रिंट और मेनस्ट्रीम मीडिया के लिए डिजिटल में काम करने के बाद न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. सेहत और लाइफस्टाइल बीट पर लिखने के साथ ही सीमा बॉलीवुड वीडियो प्रोड्यूस करती रही हैं.

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Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विद्यालय से ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. प्रिंट और मेनस्ट्रीम मीडिया के लिए डिजिटल में काम करने के बाद न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. सेहत और लाइफस्टाइल बीट पर लिखने के साथ ही सीमा बॉलीवुड वीडियो प्रोड्यूस करती रही हैं.

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