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क्या पटाखों से कान खराब हो सकते हैं? कानों के स्पेशलिस्ट Dr. Ravi Meher ने कहा दिवाली पर बरतें ये सावधानियां

Firecrackers Effects On Ears: दिवाली पर लोग पटाखे जरूर जलाते हैं. लेकिन, ये पटाखे कानों को किस तरह नुकसान पहुंचाते हैं और किस तरह कानों को पटाखों से सुरक्षित रखा जा सकता है यह जानिए डॉ. रवि मेहर से.

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Diwali 2025: दिवाली वो त्योहार है जिसमें घर को जगमगाती लड़ियों से सजाया जाता है, दीप जलाए जाते हैं, पकवान बनाए जाते हैं और एकदूसरे को उपहार दिए जाते हैं सो अलग. दिवाली को इन सभी चीजों के लिए तो जाना ही जाता है, साथ ही दिवाली पटाखों (Firecrackers) के लिए जलाई जाती है. चाहे सरकार कितना ही पटाखों पर बैन लगा दे लेकिन लोग पटाखे जलाते ही हैं. लेकिन, यह पटाखे सेहत को एक नहीं बल्कि कई तरह से नुकसान पहुंचाते हैं. कानों पर भी इन पटाखों के नेगेटिव इफेक्ट्स पड़ते हैं. इसी बारे में बता रहे हैं मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट हेड और नाक, कान, गले के स्पेशलिस्ट यानी ENT स्पेशलिस्ट डॉ. रवि मेहर. डॉक्टर ने बताया कि पटाखों की आवाज कानों (Ears) को किस तरह प्रभावित करती है.

पटाखों से कानों पर क्या पड़ता है असर | Firecracker Effects On Ears

डॉ. रवि मेहर ने बताया कि पटाखे 125 से 155 डेसिबल्स के करीब साउंड प्रोड्यूस करते हैं. इतनी आवाज किसी इंजन या फायरगन से आती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी ऊंची आवाज चाहे कुछ ही सेकंड्स के लिए ही क्यों ना सुनी जाए परमानेंट हियरिंग डैमेज (Permanent Hearing Damage) कर सकती है यानी कानों के सुनाई देने की क्षमता जा सकती है. अगर आवाज कई देर तक आए तो 85 डेसिबल्स या उससे थोड़ी भी ज्यादा हो तो उसे भी कानों के लिए हार्मफुल कहा जाता है.

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यह भी पढ़ें – दिवाली पर पटाखों से जलने पर टूथपेस्ट लगाना चाहिए या नहीं? डॉक्टर ने बताया कैसे ठीक होगी चोट

पटाखा चाहे एक हो या कई सारे कानों को डैमेज ही करते हैं. डॉक्टर ने बताया कि एक सिंगल लाउड ब्लास्ट से अकाउस्टिक ट्रॉमा हो सकता है जिससे कानों के अंदर मौजूद सूक्ष्म हेयर सेल्स डैमेज हो सकती हैं जो सुनाई देने में मदद करती हैं. इससे अचानक से सुनाई देना बंद हो सकता है जो टेम्पररी भी हो सकता है और कभी ठीक ना होने वाला भी. कुछ मामलों में पटाखों से आने वाली तेज आवाज कान का परदा फाड़ सकती है, इससे दर्द हो सकता है, कान से खून निकल सकता है और सुनाई ना देने से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं.

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कई लोगों को इन पटाखों की आवाज से कानों से लगातार रिंगिंग साउंड सुनाई देता है. खासतौर से बच्चे और बूढ़ों के कानों को नुकसान होता है क्योंकि उनके कान ज्यादा सेंसिटिव होते हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

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  • कानों को नुकसान ना पहुंचे इसके लिए पटाखों से दूरी बनाकर रखें.
  • हाई डेसिबल यानी तेज आवाज वाले पटाखें ना जलाएं या जो पटाखे बैन किए जा चुके हैं उन्हें खरीदने से परहेज करें.
  • दिवाली पर पटाखों की आवाज से बचे रहने के लिए इयरप्लग्स लगाएं या फिर इयर मफ्स पहन लें.
  • इको फ्रेंडली तरीके से दिवाली मनाने की कोशिश करें.

यह भी पढ़ें – आंख हर समय रहती है लाल तो यह हो सकती है वजह, आई सर्जन ने कहा कभी ना इग्नोर करें ये लक्षण

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Oct 17, 2025 12:23 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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