Kidney Stone Surgery: आज के समय में किडनी स्टोन यानी पथरी की समस्या तेजी से लोगों के बीच बढ़ रही है और यह सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. गलत खानपान, पानी की कमी, ज्यादा नमक और प्रोटीन लेना, तथा अनियमित जीवनशैली इसकी बड़ी वजह मानी जाती है. साथ ही, किडनी में स्टोन होने पर अचानक तेज दर्द, पेशाब में जलन, खून आना और बार-बार यूरिन इंफेक्शन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
कई बार छोटे स्टोन अपने आप निकल जाते हैं, लेकिन जब ऐसा नहीं होता, तब डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं. हालांकि, अक्सर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि स्टोन के हिसाब से अलग-अलग सर्जरी होती है. इसलिए इस स्टोरी में हम आपको सर्जरी से जुड़ी कुछ अहम बाते बताएंगे, जो आपके काफी काम आ सकती हैं.
यह भी पढ़ें: रात में पेट क्यों फूल जाता है? इस बड़ी बीमारी का हो सकता है लक्षण, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया कैसे करें पता
क्या हर मरीज के लिए एक ही सर्जरी होती है?
किडनी स्टोन निकालने के लिए कोई एक सर्जरी सभी मरीजों के लिए सबसे अच्छी नहीं मानी जाती. डॉक्टर स्टोन का साइज, उसकी जगह, संख्या और मरीज की सेहत देखकर इलाज तय करते हैं. आजकल ज्यादातर सर्जरी मिनिमली इनवेसिव होती हैं, यानी इनमें बड़ा चीरा नहीं लगाया जाता है. इस सर्जरी से दर्द कम होता है और मरीज जल्दी ठीक हो जाता है. हालांकि, सही समय पर जांच और सही तकनीक चुनना बहुत जरूरी है ताकि स्थिति को काबू में लिया जा सकें.
बड़े स्टोन के लिए कौन सी सर्जरी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि, अगर किडनी स्टोन का आकार बड़ा है, जैसे 2 mm या उससे ज्यादा, तो परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PCNL) को बेहतर विकल्प माना जाता है. इसे कीहोल सर्जरी भी कहते हैं. इस सर्जरी में पेशाब के रास्ते एक कैथेटर डालकर उसे किडनी तक पहुंचाया जाता है और फिर दवा देकर बाहर से एक छोटा सा कीहोल बनाया जाता है, जिसके जरिए स्टोन को तोड़कर बाहर निकाला जाता है. इस सर्जरी के बाद स्टेंट डाला जाता है, जिसे 2 हफ्ते के बाद निकाल लिया जाता है, ये सर्जरी बड़े स्टोन के लिए सबसे सुरक्षित और सफल मानी जाती है.
मीडियम साइज स्टोन कौन सी सर्जरी
1 से 1.5 mm तक के स्टोन के लिए रेट्रोग्रेड इंट्रारेनल सर्जरी (RIRS) आजकल काफी लोकप्रिय हो रही है, इसमें पेशाब के रास्ते एक पतली पाइप डालकर सीधे किडनी तक पहुंचा जाता है. वहां लेजर की मदद से स्टोन को बारीक कणों में बदल दिया जाता है. इसके बाद स्टेंट लगाया जाता है, जिसे 2-3 हफ्ते के बाद हटा दिया जाता है. इस सर्जरी में बाहर से कोई कट नहीं लगता, इसलिए दर्द कम होता है और रिकवरी भी तेज होती है.
छोटे स्टोन के लिए ESWL
छोटे स्टोन, लगभग 1 से 1.2 mm तक, के लिए एक्सट्राकॉरपोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (ESWL) का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें बाहर से शॉक वेव देकर स्टोन को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है, जो बाद में पेशाब के साथ निकल जाते हैं. हालांकि यह तरीका हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता. इसलिए जरूरी है कि मरीज खुद फैसला न करे, बल्कि डॉक्टर से सलाह लेकर सही इलाज चुने, ताकि भविष्य में परेशानी न हो.
किडनी स्टोन से बचने के लिए क्या खाएं
किडनी स्टोन से बचने के लिए दिनभर में 3-4 लीटर पानी पिएं और डाइट में कैल्शियम (दूध, दही) शामिल करें. वहीं, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन इस समस्या में रामबाण साबित हो सकता है. वहीं, नमक, पालक, बीज वाली सब्जियां और कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करना बेहतर होता है.
यह भी पढ़ें: किस कमी से उंगलियों में झुनझुनी होती है? यह विटामिन हो सकता है वजह, जानिए कैसे दूर होगी दिक्कत
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Kidney Stone Surgery: आज के समय में किडनी स्टोन यानी पथरी की समस्या तेजी से लोगों के बीच बढ़ रही है और यह सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. गलत खानपान, पानी की कमी, ज्यादा नमक और प्रोटीन लेना, तथा अनियमित जीवनशैली इसकी बड़ी वजह मानी जाती है. साथ ही, किडनी में स्टोन होने पर अचानक तेज दर्द, पेशाब में जलन, खून आना और बार-बार यूरिन इंफेक्शन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
कई बार छोटे स्टोन अपने आप निकल जाते हैं, लेकिन जब ऐसा नहीं होता, तब डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं. हालांकि, अक्सर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि स्टोन के हिसाब से अलग-अलग सर्जरी होती है. इसलिए इस स्टोरी में हम आपको सर्जरी से जुड़ी कुछ अहम बाते बताएंगे, जो आपके काफी काम आ सकती हैं.
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क्या हर मरीज के लिए एक ही सर्जरी होती है?
किडनी स्टोन निकालने के लिए कोई एक सर्जरी सभी मरीजों के लिए सबसे अच्छी नहीं मानी जाती. डॉक्टर स्टोन का साइज, उसकी जगह, संख्या और मरीज की सेहत देखकर इलाज तय करते हैं. आजकल ज्यादातर सर्जरी मिनिमली इनवेसिव होती हैं, यानी इनमें बड़ा चीरा नहीं लगाया जाता है. इस सर्जरी से दर्द कम होता है और मरीज जल्दी ठीक हो जाता है. हालांकि, सही समय पर जांच और सही तकनीक चुनना बहुत जरूरी है ताकि स्थिति को काबू में लिया जा सकें.
बड़े स्टोन के लिए कौन सी सर्जरी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि, अगर किडनी स्टोन का आकार बड़ा है, जैसे 2 mm या उससे ज्यादा, तो परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PCNL) को बेहतर विकल्प माना जाता है. इसे कीहोल सर्जरी भी कहते हैं. इस सर्जरी में पेशाब के रास्ते एक कैथेटर डालकर उसे किडनी तक पहुंचाया जाता है और फिर दवा देकर बाहर से एक छोटा सा कीहोल बनाया जाता है, जिसके जरिए स्टोन को तोड़कर बाहर निकाला जाता है. इस सर्जरी के बाद स्टेंट डाला जाता है, जिसे 2 हफ्ते के बाद निकाल लिया जाता है, ये सर्जरी बड़े स्टोन के लिए सबसे सुरक्षित और सफल मानी जाती है.
मीडियम साइज स्टोन कौन सी सर्जरी
1 से 1.5 mm तक के स्टोन के लिए रेट्रोग्रेड इंट्रारेनल सर्जरी (RIRS) आजकल काफी लोकप्रिय हो रही है, इसमें पेशाब के रास्ते एक पतली पाइप डालकर सीधे किडनी तक पहुंचा जाता है. वहां लेजर की मदद से स्टोन को बारीक कणों में बदल दिया जाता है. इसके बाद स्टेंट लगाया जाता है, जिसे 2-3 हफ्ते के बाद हटा दिया जाता है. इस सर्जरी में बाहर से कोई कट नहीं लगता, इसलिए दर्द कम होता है और रिकवरी भी तेज होती है.
छोटे स्टोन के लिए ESWL
छोटे स्टोन, लगभग 1 से 1.2 mm तक, के लिए एक्सट्राकॉरपोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (ESWL) का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें बाहर से शॉक वेव देकर स्टोन को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है, जो बाद में पेशाब के साथ निकल जाते हैं. हालांकि यह तरीका हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता. इसलिए जरूरी है कि मरीज खुद फैसला न करे, बल्कि डॉक्टर से सलाह लेकर सही इलाज चुने, ताकि भविष्य में परेशानी न हो.
किडनी स्टोन से बचने के लिए क्या खाएं
किडनी स्टोन से बचने के लिए दिनभर में 3-4 लीटर पानी पिएं और डाइट में कैल्शियम (दूध, दही) शामिल करें. वहीं, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन इस समस्या में रामबाण साबित हो सकता है. वहीं, नमक, पालक, बीज वाली सब्जियां और कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करना बेहतर होता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.